टीआरपी। brotherhood and unity. : पिछले दिनों छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल ने एक बयान में सिंधी समाज और अग्रवाल समाज को परदेशिया कहते हुए आराध्य देवों पर अनर्गल टिप्पणी की थी। इससे देशभर में सिंधी और अग्रवाल समाज के लोगों में आक्रोश छाया था। एफआईआर दर्ज करने के बाद फरार अमित बघेल को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना से छत्तीसगढ़िया और परदेशिया के बीच वैमनस्य की भावना पनपने लगी थी। इसे देखते हुए सर्व समाज के लोगों का एक व्यापक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। 15 दिसंबर को 150 से अधिक समाज के पदाधिकारियों के जुटने और शांति, सद्भावना, भाईचारा-एकता की भावना विकसित करने आह्वान किया जाएगा।


श्री नीलकंठ सेवा संस्था संस्थापक नीलकंठ त्रिपाठी एवं अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व कुछ असामाजिक तत्वों ने हमारी सामाजिक समरसता को प्रभावित करने और छत्तीसगढ़ की एकता और भाईचारे की भावना को बिगाड़ने का कुत्सित कार्य किया है। कुछ विधर्मी द्वारा छत्तीसगढ़िया परदेसिया के नाम पर समाज को तोड़ने एवं आपस में लड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे आम लोग परेशान हैं।


संत, महात्मा देंगे प्रेरणा


प्रदेश में शांति, सद्भावना स्थापित हो और सभी समाज एक-दूसरे के साथ हिलमिलकर रहें, इस उद्देश्य को लेकर सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। प्रायः सभी समाज के पदाधिकारी अपने विचार रखेंगे। साथ ही संत युधिष्ठिरलाल, ब्रम्हचारी डा.इंदुभवानंद महाराज सहित अनेक साधु, संत, महात्मा हिंदू धर्म की रक्षा करने के लिए प्रेरित करेंगे।


गणेश-देवी की मूर्ति वैदिक पद्धतियुक्त हो


सम्मेलन में यह भी चर्चा की जाएगी कि गणेश पंडालों अथवा दुर्गा पंडालों में विराजित की जाने वाली प्रतिमाओं का मजाक न उड़ाया जाए। हिंदू धर्म के अनुरुप ही प्रतिमाएं स्थापित की जाए। इस पर चर्चा करने विविध पंडाल समितियों के सदस्य चर्चा करेंगे।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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