Nava Raipur Blue Water Mine: नवा रायपुर के नकटी स्थित ब्लू वाटर खदान में युवक मो. आदिल खान के डूबने की घटना को 72 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने गहराई में सर्च ऑपरेशन के लिए भारतीय नौसेना के प्रशिक्षित डीप डाइवर्स या केंद्रीय विशेषज्ञ टीम बुलाने और आधुनिक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
72 घंटे बाद भी नहीं मिला युवक का सुराग
मो. आदिल खान के खदान में डूबने के बाद से लगातार तलाश की जा रही है। लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी रेस्क्यू टीम को युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इदरीस गांधी के मुताबिक, उपलब्ध जानकारी के अनुसार ब्लू वाटर खदान की गहराई करीब 200 से 400 फीट तक बताई जा रही है। वहीं, मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम की क्षमता करीब 60 फीट तक ही होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में इतनी अधिक गहराई वाले क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के लिए विशेष प्रशिक्षण और अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों की जरूरत है।
रेस्क्यू संसाधनों पर उठे सवाल
इदरीस गांधी ने कहा कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी खदान की गहराई के अनुरूप रेस्क्यू संसाधन उपलब्ध नहीं होना जिला प्रशासन की तैयारियों और तत्परता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ स्थानीय संसाधनों के भरोसे सर्च ऑपरेशन चलाने के बजाय विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद ली जानी चाहिए, ताकि पानी की अत्यधिक गहराई में सुरक्षित और प्रभावी तरीके से तलाश की जा सके।
डीप डाइवर्स और आधुनिक उपकरणों की मांग
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में इदरीस गांधी ने भारतीय नौसेना के प्रशिक्षित डीप डाइवर्स अथवा किसी केंद्रीय विशेषज्ञ टीम को तत्काल मौके पर बुलाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने अंडरवाटर ROV, SONAR और हाई-डेप्थ कैमरा जैसे उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है। इन तकनीकी संसाधनों की मदद से खदान की गहराई में वैज्ञानिक तरीके से सर्च ऑपरेशन चलाया जा सकता है। उनका कहना है कि विशेषज्ञ टीम और आधुनिक उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
रायपुर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल
इदरीस गांधी ने कहा कि रायपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में राजधानी से लगे इलाके में किसी गंभीर जल हादसे की स्थिति में अत्याधुनिक रेस्क्यू क्षमता की तत्काल उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इससे पूरे छत्तीसगढ़ की आपदा प्रबंधन व्यवस्था और प्रशासनिक क्षमता की छवि भी जुड़ी होती है। फिलहाल युवक की तलाश जारी है और मुख्यमंत्री से विशेषज्ञ एजेंसियों तथा आधुनिक उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन तेज कराने की मांग की गई है।


