टीआरपी डेस्क। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य कई गंभीर आपराधिक मामलों में देश के अन्य राज्यों से आगे है। रिपोर्ट वर्ष 2023 के आंकड़ों पर आधारित है और इसमें ऑनलाइन सट्टा, बुजुर्गों के खिलाफ हिंसा, नक्सली मुठभेड़, महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों समेत कई श्रेणियों में छत्तीसगढ़ की स्थिति उजागर हुई है।

ऑनलाइन सट्टा के मामलों में छत्तीसगढ़ सबसे आगे है। वर्ष 2023 में राज्य में इस श्रेणी में 52 एफआईआर दर्ज हुईं। इसके पीछे मुख्य वजह महादेव सट्टा एप और उससे जुड़ी गतिविधियों पर लगातार की जा रही कार्रवाई मानी जा रही है। मध्यप्रदेश में 11 और महाराष्ट्र में 10 केस दर्ज हुए हैं, जो इस मामले में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

बुजुर्गों के खिलाफ अपराध भी चिंता का विषय बने हुए हैं। राज्य में 2023 में 73 बुजुर्गों की हत्या हुई और इस तरह प्रति एक लाख पर हत्या की दर 3.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 1.2 से तीन गुना अधिक है। वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध की दर भी 89.7 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 76.3 है।

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साइबर क्राइम की बात करें तो यहां भी तेजी से बढ़ोतरी देखी गई। राज्य में पिछले साल 473 साइबर अपराध के केस दर्ज हुए, जिनमें चाइल्ड पोर्नोग्राफी, बैंक फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी शामिल हैं।

महिलाओं से जुड़ी घटनाओं में राज्य देश में आठवें स्थान पर है। 2023 में 1171 दुष्कर्म के मामले सामने आए, जिसमें बड़ी संख्या में नाबालिग पीड़ित थीं। महिलाओं के खिलाफ हमलों के कुल 1034 केस, छेड़खानी के 724 और यौन उत्पीड़न के 207 मामले दर्ज हुए।

नक्सलवाद से जुड़ी घटनाएं भी राज्य में अधिक रहीं। 2023 में नक्सलियों के खिलाफ हत्या के 56 और हत्या की कोशिश के 102 मामले दर्ज हुए। इस मामले में छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से आगे रहा।

बच्चों के खिलाफ अपराध में राज्य की स्थिति चिंताजनक है। 2023 में 5904 मामलों की रिपोर्टिंग हुई। पाक्सो एक्ट के तहत 1989, अपहरण के 1725 और साइबर अपराध के 202 मामले दर्ज हुए।

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सड़क हादसों के मामले में राज्य का 12वां स्थान है। बीते वर्ष कुल 5193 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 6020 लोगों की जान गई। हिट एंड रन के 2072 केस भी सामने आए।

2023 में 4962 बच्चों के लापता होने की घटनाएं सामने आईं। हालांकि इनमें से अधिकांश बच्चों को ढूंढ लिया गया, लेकिन यह संख्या अब भी बड़ी चिंता का कारण है। मानव तस्करी के 22 केस भी दर्ज किए गए।

भ्रष्टाचार के मामलों में वर्ष 2023 में एक भी नया केस दर्ज नहीं हुआ, लेकिन पूर्व में दर्ज 217 मामलों की अभी भी सुनवाई चल रही है।

पर्यावरण अपराधों में भी बढ़ोतरी देखी गई। वर्ष 2023 में 229 केस दर्ज हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक हैं।

एनसीआरबी की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों की एक गंभीर तस्वीर पेश करती है। यह आंकड़े न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि समाजिक सुरक्षा के व्यापक पहलुओं पर भी पुनर्विचार की जरूरत को उजागर करते हैं।

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नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।