Gen-Z Youth NEET Counseling: छत्तीसगढ़ में NEET UG Counseling 2026 शुरू होने से पहले डोमिसाइल और दस्तावेज सत्यापन को लेकर सियासत तेज हो गई है। NSUI के प्रदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सरकारी आवास के घेराव की तैयारी के बीच मंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग साजिश के जरिए Gen-Z युवाओं को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया में किसी भी तरह का लूपहोल नहीं छोड़ा जाएगा।
मंत्री बोले- युवाओं को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं?
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि अभी मेडिकल एडमिशन की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई है और घेराव की तैयारी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कुछ लोग युवाओं को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ भ्रमित लोग एडमिशन प्रक्रिया को विवादों में लाकर जानबूझकर इसमें देरी कराने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे कुछ आका साजिश कर Gen-Z युवाओं को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
डोमिसाइल को लेकर भी मंत्री ने साफ किया रुख
NEET UG काउंसलिंग में डोमिसाइल और अन्य दस्तावेजों को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने सरकार की प्रक्रिया स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान मूल निवासी प्रमाण पत्र के साथ कैटेगरी और संवर्ग प्रमाण पत्र की भी जांच होगी। मंत्री के मुताबिक, इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेडिकल सीटों का लाभ सिर्फ पात्र अभ्यर्थियों को मिले।
पहली बार राजस्व विभाग भी करेगा जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार मेडिकल एडमिशन को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस बार पहली बार राजस्व विभाग की टीम भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होगी। प्रमाण पत्रों का गहन सत्यापन किया जाएगा। अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने साफ कहा कि किसी भी तरह का लूपहोल नहीं छोड़ा जाएगा।
NSUI मंगलवार को करेगी प्रदर्शन
NEET छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर NSUI मंगलवार को रायपुर में प्रदर्शन करने वाली है। संगठन के कार्यकर्ता घड़ी चौक से स्वास्थ्य मंत्री के सरकारी आवास का घेराव करने निकलेंगे। NSUI की ओर से मेडिकल कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की जा रही है। इसी प्रदर्शन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इसे विवाद में डालने की कोशिश की जा रही है।
प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार एक साथ पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। इसके अलावा सात फिजियोथेरेपी कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।


