यातायात के नियमों में बढ़ती गई लापरवाही, ट्रैफिक पुलिस ने जुलाई माह में वसूलें 20 लाख रुपए

रायपुर। शहर में दिनों-दिन आबादी बढ़ने से ट्रैफिक सिस्टम बदहाल होते जा रही है। लोगों को कई घंटे ट्रैफिक में इंतजार करना पड़ता है। एक घंटे में 2 हजार गाड़ियों की क्षमता वाले रायपुर की सड़को में 4 हजार गाड़ियां दौड़ रही हैं। खासकर पीक ऑवर्स में यातायात नियमों की अनदेखी और बेवक्त बड़े वाहनों की एंट्री से चौक चौराहों तक जाम के हालात बन रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने अपने सर्वे में बताया कि, शहर की कई सड़कें ऐसी हैं, जहां एक घंटे में दो हजार गाड़ियों के गुजरने की क्षमता है, लेकिन यहां एक घंटे में 4 से 5 हजार गाड़ियां गुजर रही हैं, जिससे सड़क में जाम की स्थिति बन रही हैं।

बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए शहर के तमाम मुख्य चौक-चौराहों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इसके बावजूद ज्यादातर चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था नदारद होने की वजह से गाड़ी चालक नियमों का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं। वाहन चालक बिना संकेत दिए यूटर्न लेकर दूसरे वाहन चालकों को परेशान कर रहे हैं। बता दे, रिंग रोड 01 और 02 में भारी वाहनों का असमय सर्विस लेन में खड़े होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जुलाई माह में ही ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों का नहीं पालन करने वाले लोगों से 20 लाख रुपए वसूली किए थे। लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है, भारी वाहनों के नो पार्किंग जोन में खड़े होने से जाम और जोखिम के हालात फिर से बनने लगे हैं।

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ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी गुरजीत सिंह का कहना है कि, शहर में कई जगह ऐसी हैं जहां पर प्रतिदिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इन जगहों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाकर हम ट्रैफिक व्यवस्था नियंत्रण करने में लगे हुए हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।