रायपुर। प्रदेश के 27 जिलों में नवीन सिकल सेल क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सिकल सेल क्लीनिक में इस बीमारी के मरीजों को सहीं परामर्श दिया जाएगा। बीमारी से निजात पाने वालों के साथ, सिकल सेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्थाओं और लोगों का सम्मान किया गया। यह घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को सिकल सेल दिवस पर न्यू सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में कही।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन

इस दौरान सीएम श्री बघेल ने कहा कि पूरी दुनिया के साथ छत्तीसगढ़ के सिकल सेल को लेकर चुनौतियां है। विज्ञान इतनी तरक्की कर चुका है, लेकिन इस बीमारी के इलाज के बारे में अभी तक पता नहीं चला है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिकल सेल संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन करने की घोषणा की। इस आयोजन में विधायक धनेंद्र साहू के अलावा स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर सिकल सेल संबंधी बुकलेट का भी विमोचन किया गया।

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सिकल सेल को खत्म करने की दिशा में काम

सिकल सेल संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम बघेल ने कहा कि बहुत से लोगो को ये पता नहीं होता कि वो सिकल सेल से पीड़ित हैं। कई लोगों को अचानक ही सिकल सेल हो जाता है। जिन माता-पिता अपने बच्चों में सिकल सेल की जानकारी हो जाती है वे बताते नहीं हैं। इसे अनदेखा करने का मुख्य कारण है कि जिस बच्चे को यह हो गया उसकी शादी होना मुश्किल है।

सीएम ने कहा कि यह आधुनिक जमाना है। जब इस बीमरी के बारे में किसी को जानकारी होती है तो वह खुद को इस बीमारी के हिसाब से ढालता है। बीमार ही जानता है कि उसे कैसी तकलीफ होती है। इस दिशा में काम करने की जरूरत है। सबसे पहले यह तय होना चाहिए कि कितने लोग छत्तीसढ़ के सिकल सेल से पीड़ित है। यह डाटा हमारे पास होना चाहिए, अभियान चलाकर इसकी जानकारी विभाग इकट्ठा करे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।