टीआरपी डेस्क। मतदाता सूची में त्रुटियों और चुनाव प्रक्रिया की खामियों को लेकर अक्सर चुनाव आयोग को आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। अब आयोग ने इस दिशा में सुधार के लिए एक ठोस योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस पहल का मकसद चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।

पहचानी गईं समस्याएं

चुनाव आयोग ने चुनावों के दौरान सामने आने वाली आम समस्याओं की पहचान की है, जिनमें अधिकतर गड़बड़ियां बूथ स्तर पर होती हैं। इनमें मतदाता सूची तैयार करने में लापरवाही, ईवीएम की हैंडलिंग, मॉक पोल, मतदान प्रतिशत की गणना जैसी तकनीकी कमियां शामिल हैं। आयोग ने इन खामियों को दूर करने के लिए सबसे पहले बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) और बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की है।

चुनाव आयोग का बयान

आयोग का कहना है कि चुनाव से जुड़ी हर प्रक्रिया के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं। अधिकतर गड़बड़ियां अनजाने में होती हैं, जब किसी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता। आयोग का मानना है कि इन त्रुटियों को सही जानकारी और प्रशिक्षण से रोका जा सकता है।

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50 हजार से अधिक कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण

बीएलओ और बीएलए के प्रशिक्षण सत्रों में अब तक सामने आई कमजोरियों का अध्ययन किया गया है। आयोग का लक्ष्य है कि इस वर्ष के अंत तक 50,000 से अधिक बूथ स्तर के अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को चुनावी प्रक्रियाओं का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए।

मतदाता सूची पर विशेष ध्यान

चुनाव आयोग का इस बार विशेष फोकस मतदाता सूची में सुधार पर है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक बूथ पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी को अनिवार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, अंतिम प्रकाशन से पहले सभी राजनीतिक दलों से आपत्तियाँ आमंत्रित की जाएंगी और उनका समाधान करने के बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह प्रक्रिया बूथ से लेकर जिला, राज्य और केंद्रीय स्तर तक लागू होगी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।