बाढ़ आने से हिमाचल प्रदेश में हाहाकार, 71 लोगों ने गंवाई जान, सीएम भूपेश बघेल ने सुक्खू से की चर्चा

शिमला। हिमाचल प्रदेश 50 साल में सबसे भयावह प्राकृतिक आपदा देखने को मिला है। सामाजिक संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने 2005 के आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति को राष्ट्रीय आपदा या दुर्लभ गंभीरता की आपदा घोषित करने पर विचार करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री को भेजे एक लंबे पत्र में उन्होंने लिखा कि, “राज्य इस समय अभूतपूर्व आपदा से जूझ रहा है। पिछले एक महीने से आधी से ज्यादा आबादी भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से लगातार जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि व्यास घाटी में आई बाढ़ इस बड़े पैमाने की आपदा का शुरुआती बिंदु थी जो अब राज्य में फैलता जा रहा है। प्रदेश में बाढ़ आने से अब तक 71 लोग की मौत हो चुकी है वहीं 13 लोग अब भी लापता है।

कई मकान व इमारतें आंशिक रूप से और पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं। सैकड़ों लोगों को अपने जान से हाथ धोना पड़ा है, और हजारों परिवारों को अपना घर छोड़कर अस्थायी रूप से अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेना पड़ रहा है, उनके पास पर्याप्त राशन की कमी हो रही है। राज्य की स्थिति बेहद गंभीर व नाजुक है। सरकारी और निजी संपत्ति दोनों को महत्वपूर्ण भारी नुकसान हुआ है। सामाजिक संगठनों के अधिकारियो का कहना है कि प्रारंभिक अनुमान से पता चलता है कि राज्य को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी नुकसान हो रहा है, जो अभूतपूर्व है। “दुर्लभ गंभीरता की इस आपदा के सामने केंद्र सरकार के आवश्यक समर्थन के बिना हिमाचल प्रदेश स्थिति से निपटने के लिए संघर्ष कर रहा है, जिससे तत्काल सहायता में देरी हो सकती है और बड़े पैमाने पर परिवारों के दीर्घकालिक पुनर्वास में अनुचितता हो सकती है। इस परिदृश्य में राज्‍य आपदा राहत कोष राज्य के लोगों को त्वरित राहत और पुनर्वास प्रदान करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।”

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सीएम भूपेश बघेल ने सुखविंदर सिंह से की परिचर्चा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से फोन पर बात कर वहां की त्रासदी के संबंध में किये जा रहे राहत कार्यों के लिए एकजुटता दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदा के चलते कठिन वक्त से गुजर रहा है। इस त्रासदी में सभी देशवासी हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ खड़े हैं। हर प्रकार के आवश्यक प्रयासों में हम साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने फोन पर सुक्खू से वर्तमान हालात की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि देवभूमि के लोग प्राकृतिक आपदा के चलते कठिन स्थिति से गुजर रहे हैं। आपदा बहुत बड़े स्तर की है और देशवासियों की सामूहिक एकजुटता से इस आपदा से निपटेंगे। इससे बाहर आने और सामान्य स्थिति बहाली के लिए आपके द्वारा किये जा रहे हर आवश्यक प्रयास में हम आपके साथ खड़े हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।