PHE Contractors March : जल जीवन मिशन के ठेकेदारों के ₹2,200 करोड़ के लंबित भुगतान और निर्माण विभागों में व्याप्त विसंगतियों को लेकर नवा रायपुर में बड़ा प्रदर्शन हुआ। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर से आए ठेकेदार विधानसभा का घेराव करने निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें विधानसभा से पहले ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया। विरोध में ठेकेदारों ने अर्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विधानसभा घेराव से पहले ही रोके गए ठेकेदार

PHE Contractors March : शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से PHE सहित अन्य निर्माण विभागों के सैकड़ों ठेकेदार नवा रायपुर पहुंचे थे। एसोसिएशन के बैनर तले सभी विधानसभा घेराव के लिए कूच कर रहे थे। विधानसभा मार्ग पर पहुंचते ही भारी पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद गुस्साए ठेकेदारों ने सड़क पर ही धरना देकर अर्धनग्न प्रदर्शन शुरू कर दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए।

₹2,200 करोड़ से अधिक का लंबित भुगतान

PHE Contractors March : एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि शासन और प्रशासन की उदासीनता के कारण प्रदेश में विकास कार्य ठप हो रहे हैं। उनके अनुसार PHE, जल जीवन मिशन सहित अन्य निर्माण विभागों में 2,200 करोड़ रुपये से अधिक के बिल लंबित हैं। कई ठेकेदार डेढ़ से दो साल से अपने भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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भ्रष्टाचार और अफसरशाही का आरोप

PHE Contractors March : बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि विभागों में भ्रष्टाचार, अफसरशाही और मनमानी चरम पर है। उन्होंने कहा कि एग्रीमेंट के अनुसार काम पूरा होने के बाद भी रनिंग और पार्ट पेमेंट नहीं दी जा रही है। इससे ठेकेदार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और कई साइटों पर काम बंद करने की नौबत आ गई है। आलम यह है कि मानसिक रूप से परेशान कुछ ठेकेदारों ने तो आत्मघाती कदम उठा लिया है।

एसोसिएशन की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन ने सरकार के सामने 3 मुख्य मांगें रखीं :

  1. लंबित और आगामी बिलों के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट तुरंत उपलब्ध कराया जाए
  2. एग्रीमेंट के अनुसार रनिंग व पार्ट पेमेंट की प्रक्रिया शुरू की जाए
  3. दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए

आगे की रणनीति तय होगी

PHE Contractors March : बीरेश शुक्ला ने कहा कि सरकार द्वारा मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद पदाधिकारियों की बैठक होगी जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।

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ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान नहीं मिलने से न सिर्फ उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं के काम भी लटक रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

FAQ :

जल जीवन मिशन योजन क्या है ?

जल जीवन मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को की थी। यह मिशन भारत के सभी दूर-सुदूर गाँवों के हर घर तक शुद्ध पेय जल पहुँचाने का लक्ष्य पूरा करेगा। जल जीवन मिशन को सफलता पूर्वक पूरा करने के लिए केंद्र, राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश मिलकर काम करेंगे। यह मिशन पेय जल को आम लोगों तक आसानी से पहुँचाने के साथ-साथ दीर्घ कालिक जल श्रोतों का निर्माण, जल संरक्षण, प्रदूषण रहित जल की पहचान, जल प्रबंधन आदि की कार्य योजना पर कार्य करता है।

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की क्या स्थिति है ?

छत्तीसगढ़ विधानसभा के पटल पर रखी गई भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में राज्य के भीतर जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई बड़ी लापरवाही और कमियों को उजागर किया गया है। सीएजी की इस प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2024 तक राज्य सरकार द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल 11,034.26 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद, ग्रामीण अंचलों में परिवारों को पूरी तरह चालू हालत में घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) देने की राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहद निचले 23वें पायदान पर सिमट कर रह गया है।

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