PM Awas Yojana Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर सियासत गरमा गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को योजना के आंकड़ों पर खुली बहस की चुनौती दी थी। बघेल ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा है कि समय और स्थान तय कर लें, वह बहस के लिए तैयार हैं। विवाद मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत और पूरे हुए मकानों की संख्या को लेकर है।
विजय शर्मा जहां नई सरकार के कार्यकाल में लाखों आवास पूरे होने का दावा कर रहे हैं, वहीं भूपेश बघेल का कहना है कि सरकार जिन आंकड़ों को अपनी उपलब्धि बता रही है, उनमें पहले से स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। अब दोनों नेताओं के दावों के बीच आंकड़ों को लेकर सीधा राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है।
विजय शर्मा ने क्या कहा था?
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आंकड़े सामने रखते हुए कहा था कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति देकर निर्माण का फैसला लिया गया था। विजय शर्मा के मुताबिक, सरकार बनने के बाद अब तक 11 लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के मकान पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था। विजय शर्मा ने कहा था कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं तो सरकार किसी भी मंच पर बहस के लिए तैयार है।
भूपेश बघेल ने स्वीकार की चुनौती
विजय शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वह बहस के लिए तैयार हैं। बघेल ने कहा, मुझे विजय शर्मा की चुनौती मंजूर है। समय और स्थान तय कर लें, मैं बहस करने के लिए तैयार हूं। बघेल ने चुनौती स्वीकार करने के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों पर सरकार से कई सवाल भी पूछे हैं।
आवास के आंकड़ों पर बघेल ने उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर विजय शर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अलग-अलग जगहों पर अलग आंकड़े दिए जा रहे हैं। बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में 18 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत होने की बात कही गई है। वहीं, संसद में अलग आंकड़े बताए जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर दोनों जगह अलग-अलग संख्या बताई जा रही है तो सही आंकड़ा आखिर कौन सा है। बघेल का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यह बताया जाना चाहिए कि किस सरकार ने कितने मकान स्वीकृत किए और कितने पूरे कराए।
बघेल बोले, 11 लाख से ज्यादा आवास पहले ही बन चुके थे
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में 11 लाख से अधिक आवास पहले ही बनाए जा चुके थे। उन्होंने कहा कि इन आवासों में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में स्वीकृत और बने मकान भी शामिल हैं। बघेल ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिलासपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान करीब 7 लाख आवास स्वीकृत कराए गए थे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। बघेल के मुताबिक, मौजूदा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके कार्यकाल में स्वीकृत आवासों की वास्तविक संख्या कितनी है।
45 हजार आवासों को लेकर भी सवाल
भूपेश बघेल ने कहा कि 45 हजार आवास ऐसे थे, जो सर्वे में शामिल नहीं थे। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री आवास के तहत इन 45 हजार आवासों को स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि इस संख्या को जोड़ने के बाद कुल आंकड़ा 18 लाख 50 हजार तक पहुंचता है। बघेल ने विजय शर्मा से सीधा सवाल किया कि मौजूदा सरकार ने कितने आवास स्वीकृत किए हैं और उनमें से कितने आवास पूरे हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 18 लाख 45 हजार आवास उनके कार्यकाल में ही स्वीकृत हो चुके थे।
क्या है दावा
बता दें कि विजय शर्मा नई सरकार के गठन के बाद 18 लाख आवासों की स्वीकृति और 11 लाख से ज्यादा मकानों के निर्माण का दावा कर रहे हैं। वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल का कहना है कि इन आंकड़ों में पहले से स्वीकृत आवासों को भी शामिल किया जा रहा है। उनका दावा है कि 18 लाख 45 हजार आवास पहले ही स्वीकृत हो चुके थे।


