रायपुर। तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसादम में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल की मिलावट के विवाद ने देशभर में चर्चा छेड़ दी है। इसके बाद कई मंदिरों ने बाहरी प्रसाद पर बैन भी लगा दिया है। अब इस संदर्भ में डोंगरगढ़ के मंदिरों में भी प्रसाद की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए गए हैं।

खाद्य एवं औषधि विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मंदिरों के प्रसाद का सैंपल लिया जाएगा और उसकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। नवरात्रि के दौरान देवभोग घी का उपयोग प्रसाद में किया जाएगा ताकि भक्तों को शुद्ध और सुरक्षित प्रसाद मिल सके।

तिरुपति मंदिर में प्रसाद विवाद के बाद यह कदम उठाया गया है। इसी के साथ, लखनऊ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में भी बाहरी प्रसाद पर प्रतिबंध लगाया गया है। अब भक्त केवल घर के बने प्रसाद और ड्राई फ्रूट का ही भोग अर्पित कर सकेंगे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।