रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था समेत सात मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को राजधानी रायपुर में प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने नलघर चौक पर धरना दिया। इसके बाद कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए आगे बढ़े। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई।
प्रदर्शन में प्रदेशभर से AAP के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, गौधाम योजना, सड़क, किसान, बिजली और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। AAP नेताओं ने सरकार से इन समस्याओं पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला
AAP प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा के स्तर को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों पर पड़ रहा है।
पार्टी ने पेपर लीक के मामलों को लेकर भी सरकार को घेरा। AAP का आरोप है कि भर्ती और परीक्षाओं से जुड़े विवादों का असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य और सड़कों का मुद्दा भी उठाया
प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी AAP ने सरकार पर सवाल खड़े किए। पार्टी नेताओं ने अस्पतालों में डॉक्टरों, दवाइयों और जरूरी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया।
इसके अलावा प्रदेश की जर्जर सड़कों और सड़कों पर बैठे मवेशियों का मुद्दा भी उठाया गया। पार्टी ने कहा कि खराब सड़कें और आवारा मवेशी सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। AAP ने सड़कों की मरम्मत और मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था की मांग की।
किसानों और बेरोजगार युवाओं की समस्याएं भी उठाईं
प्रदेश सहप्रभारी सौरभ झा ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने खाद-बीज की उपलब्धता, बढ़ती कृषि लागत, समर्थन मूल्य और मुआवजे से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया।
वहीं, रोजगार के मुद्दे पर AAP ने कहा कि बड़ी संख्या में सरकारी पद खाली हैं। पार्टी ने इन पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
AAP की सरकार से 7 प्रमुख मांगें
AAP ने प्रदर्शन के दौरान सरकार के सामने सात प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की है। स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टर, दवाइयां और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
गौधाम योजना में कथित भ्रष्टाचार की जांच और आवारा मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था की मांग रखी गई। इसके साथ ही जर्जर और गड्ढायुक्त सड़कों की मरम्मत कराने की बात कही गई।
किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता, समर्थन मूल्य और मुआवजे से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई। बिजली उपभोक्ताओं को बढ़े हुए और कथित अनाप-शनाप बिलों से राहत देने की मांग भी उठाई गई।
सातवीं मांग के तौर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और खाली सरकारी पदों पर पारदर्शी भर्ती शुरू करने की मांग की गई।
मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी
AAP के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को प्रदेशभर में ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन सिर्फ ज्ञापन देने तक सीमित नहीं रहेगा।
AAP ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


