Raipur Balodabazar Four Lane Road Project: रायपुर से बलौदाबाजार होते हुए सारंगढ़ तक सड़क को फोरलेन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। नेशनल हाईवे, वन विभाग और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने रायपुर से खरोरा ब्लॉक के खोरसी गांव तक सर्वे पूरा कर लिया है। इस सर्वे के बाद अब जमीन अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
संयुक्त सर्वे में 711 खसरे सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आए हैं। इन खसरों में करीब 17 हेक्टेयर जमीन शामिल है। अब संबंधित खसरों का प्रकाशन किया जाएगा और जमीन मालिकों से दावा-आपत्ति मांगी जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना के अगले चरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
डेढ़ घंटे का सफर घटकर होगा एक घंटा
रायपुर-बलौदाबाजार सड़क के फोरलेन बनने के बाद दोनों शहरों के बीच आवागमन का समय कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में जहां सफर में करीब पौने दो घंटे लगते हैं, वहीं परियोजना पूरी होने के बाद यह समय घटकर लगभग एक घंटे रह सकता है। इससे यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों को भी सुविधा मिलेगी।
1500 करोड़ रुपये की पूरी परियोजना
रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ सड़क को फोरलेन करने की पूरी परियोजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में धनेली से पुराने विधानसभा भवन तक 11.610 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव है, जिस पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
विधानसभा से पलारी तक 72 किलोमीटर सड़क
परियोजना के दूसरे चरण में विधानसभा से पलारी तक करीब 72 किलोमीटर सड़क को फोरलेन किया जाएगा। इस हिस्से के निर्माण पर लगभग 1050 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना में यातायात की जरूरत के अनुसार सर्विस लेन के अलावा चार बड़े फ्लाईओवर और कई ओवरब्रिज बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
रायपुर सीमा तक 7 हजार पेड़ों पर असर
सड़क चौड़ीकरण के लिए रायपुर जिले की सीमा तक करीब 7 हजार पेड़ प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग ने संयुक्त सर्वे के दौरान इन पेड़ों को चिह्नित किया है। निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ने पर नियमों के अनुसार पेड़ों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरणीय अनुमति और संबंधित औपचारिकताएं भी प्रक्रिया का हिस्सा होंगी।
बिजली के ढांचे की शिफ्टिंग पर 44.78 करोड़
सड़क के चौड़ीकरण के दौरान रास्ते में आने वाले बिजली के पोल और अन्य विद्युत ढांचे को भी दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा। इसके लिए विद्युत विभाग ने करीब 44.78 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद एनएच को डिमांड नोट जारी किया जाएगा और इसके बाद शिफ्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।



