Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त 2026 को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले 4 से 5 दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। इसके चलते कई जिलों में लगातार बारिश और गरज-चमक की स्थिति देखने को मिल सकती है।
31 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 31 अगस्त को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। लगातार बारिश होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भर सकता है, जबकि शहरी इलाकों में सड़कों और निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने की जरूरत होगी।
आंधी और वज्रपात का खतरा
बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली चमकने के समय खुले मैदान, खेतों और जल स्रोतों के पास जाने से बचना चाहिए। पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य ऊंची संरचनाओं से भी दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा।
बाढ़ का भी खतरा
लगातार और तेज बारिश के कारण छत्तीसगढ़ के कई नदी-नालों और जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। नदी-नालों में पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ओर नहीं जाने और तेज बहाव वाले पानी को पार करने से बचने की सलाह दी जा सकती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने और शहरों में मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने की भी संभावना है।
इन संभागों में ज्यादा असर की संभावना
मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार मानसूनी सिस्टम का प्रभाव प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में दिनभर आसमान में घने बादल छाए रह सकते हैं और अलग-अलग समय पर बारिश की तेज बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
तापमान में भी आएगी गिरावट
बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। अधिकतम तापमान करीब 26 से 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। लगातार बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानी बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है। खासकर नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा।


