रायपुर। राजधानी रायपुर में कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर उपभोक्ता आयोग ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एक छात्र की फीस वापस न करने के मामले में आयोग ने कोचिंग संस्थान को कड़ी फटकार लगाते हुए ₹1.74 लाख की फीस में से ₹1.72 लाख ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही संस्थान को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए अलग से जुर्माना भी भरना होगा।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, रायपुर के रहने वाले शीस हैदर ने 28 मार्च 2025 को अपने बेटे का दाखिला जेईई (JEE) कोर्स के लिए एनएकेडमी (Unacademy) कोचिंग संस्थान में कराया था। हैदर ने पहले डेमो क्लास मांगी थी, लेकिन संस्थान ने बिना फीस जमा किए डेमो देने से मना कर दिया। मजबूरी में पिता ने लोन लेकर ₹1.74 लाख जमा किए। संस्थान ने वादा किया था कि एक महीने की डेमो क्लास के बाद अगर छात्र संतुष्ट नहीं हुआ, तो फीस वापस कर दी जाएगी।

तीन हफ्ते बाद बिगड़ा खेल

बता दें कि तीन सप्ताह की क्लास के बाद छात्र पढ़ाई से असंतुष्ट महसूस करने लगा। जब पिता ने अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो संस्थान ने साफ इनकार कर दिया। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पीड़ित पिता ने हार नहीं मानी और उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने माना कि फीस वापस न करना सेवा में कमी (Deficiency in Service) है। कोर्ट ने ₹2000 काटकर शेष ₹1.72 लाख को 6% ब्याज के साथ लौटाने को कहा है। संस्थान को मानसिक परेशानी के लिए ₹5000 अतिरिक्त देने होंगे।

उपभोक्ता आयोग में अब ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग की सुविधा भी है। जानकारों का कहना है कि अब 5 रुपये के झोले से लेकर 5 करोड़ के क्लेम तक के केस आयोग में आ रहे हैं, जिससे कंपनियों और संस्थानों की मनमानी पर लगाम लग रही है।

यह फैसला रायपुर के उन हजारों अभिभावकों के लिए एक बड़ी जीत है जो भारी-भरकम फीस भरकर कोचिंग संस्थानों के चक्कर काटते हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।