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पुलिस को चकमा देने की रची थी बड़ी साजिश, कांग्रेस ने कैश कांड मामले में इस पार्षद को पार्टी से किया सस्पेंड

Sachin Pilot Raipur Visit for Congress Protest Chhattisgarh.
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Omprakash Sahu Raipur Case: राजधानी रायपुर में 50 लाख रुपए के चर्चित कैश कांड ने सियासत गर्मा दी है। कांग्रेस पार्टी ने सख्त कदम उठाते हुए बीरगांव नगर निगम के पार्षद ओमप्रकाश साहू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस ने पार्षद को कारोबारी के 50 लाख रुपए ठिकाने लगाने और आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

ड्राइवर ने रची थी साजिश, पार्षद ने पुलिस के नाम पर खेला खेल

पूरा मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 25 अप्रैल को खम्हारडीह इलाके में एक कारोबारी के ड्राइवर कृष्णा साहू ने अपने ही मालिक को चूना लगा दिया। ड्राइवर बैंक में पैसे जमा करने के बहाने निकला और अकाउंटेंट को गुटखा लेने भेजकर 50 लाख रुपए और कार लेकर चंपत हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस चोरी की रकम को सुरक्षित रखने के लिए पार्षद ओमप्रकाश साहू का सहारा लिया गया था।

पुलिस को गुमराह करने के लिए खिंचवाई 15 लाख की फोटो

जांच में पुलिस के सामने चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि ड्राइवर के जीजा ने पूरी रकम पार्षद ओमप्रकाश साहू को सौंप दी थी। पार्षद ने पुलिस से बचाने का झांसा देकर रकम अपने पास रखी। पुलिस को गुमराह करने के लिए पार्षद ने 15 लाख रुपए की फोटो खींचकर भेजी और दावा किया कि बस इतना ही मिला है। जबकि 20 लाख रुपए उन्होंने शातिर तरीके से छिपा दिए थे, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया।

पार्टी की छवि बचाने के लिए जिला अध्यक्ष का हंटर

जैसे ही पार्षद की गिरफ्तारी की खबर फैली, रायपुर कांग्रेस में हड़कंप मच गया। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने बिना देर किए निलंबन का आदेश जारी कर दिया। पार्टी की ओर से साफ कहा गया है कि संगठन की छवि खराब करने वाले किसी भी नेता या कार्यकर्ता को बख्शा नहीं जाएगा। पार्षद के साथ इस मामले में दुर्ग जिले के नंदनी के सरपंच समेत कुल 7 आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है।

बीरगांव और रायपुर की राजनीति में उबाल

बीरगांव नगर निगम में इस गिरफ्तारी के बाद से विपक्ष हमलावर है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि एक जन प्रतिनिधि का इस तरह के अपराध में शामिल होना बेहद शर्मनाक है। पुलिस अब इस मामले में अन्य कड़ियों को जोड़ रही है ताकि पता चल सके कि क्या इस कैश कांड में कुछ और बड़े नाम भी शामिल हैं।