Ganesh Utsav 2026: गणेश पर्व में अब मात्र दो दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में शहर के ज्यादातर मोहल्लों में तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। कई गणेश पंडाल समितियों ने सड़क को घेरकर भव्य पंडालों का निर्माण कर लिया है। लेकिन अब, जब पंडाल लगभग बनकर तैयार हो चुके हैं, नियमों का हवाला देकर पुलिस और प्रशासन ने इन्हें बीच सड़क से हटाकर किनारे करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजधानी के बूढ़ापारा, पुरानी बस्ती, फूल चौक, रामसागर पारा, बढ़ईपारा, सुंदरनगर और लाखेनगर सहित कई प्रमुख इलाकों में सड़क किनारे पंडालों में प्रतिमाएं विराजित की जाती हैं। यहां आकर्षक प्रतिमाओं के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ते हैं, जिससे कई बार लंबा जाम लग जाता है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इस वर्ष प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं, जिससे पंडाल समितियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। समितियों का तर्क है कि वे कई वर्षों से इन्हीं स्थानों पर पंडाल लगाकर गणेश प्रतिमा विराजित करते आ रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश और जोन 5 कमिश्नर खीरसागर नायक के मार्गदर्शन में बड़ी कार्रवाई की गई। जोन 5 सहायक अभियंता नागेश रामटेके तथा रायपुर पुलिस कमिश्नरेट पश्चिम जोन के अधिकारी लाखेनगर चौक से पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र पहुंचे। अधिकारियों ने सड़क पर लगाए जा रहे पंडालों का निरीक्षण किया और समितियों के पदाधिकारियों से चर्चा की।
सड़क पर पंडाल न लगाने की सख्त हिदायत
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने समितियों को स्पष्ट समझाइश दी कि वे सड़क मार्ग को बाधित कर पंडाल न लगाएं। एनजीटी (NGT), छत्तीसगढ़ शासन और रायपुर जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों व दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने समितियों से पंडाल निर्माण के लिए वैध अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की।
यातायात व्यवस्था और मूर्तियों की बिक्री
पर्व से महज दो दिन पहले आमापारा, सत्तीबाजार, गोलबाजार और शास्त्री बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में सड़क किनारे गणेश मूर्तियों की बिक्री शुरू हो चुकी है। भारी भीड़ के चलते पहले से ही यातायात प्रभावित हो रहा है। इसी अव्यवस्था को रोकने के लिए नगर निगम और पुलिस प्रशासन सड़कों पर उतरा है ताकि आम जनता को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

समितियों की प्रतिक्रिया और पुराना इतिहास
प्रशासन की इस अचानक आई सख्ती से गणेश उत्सव समितियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल है। समितियों का कहना है कि वे पारंपरिक रूप से गणेशोत्सव मनाते आ रहे हैं और यदि ऐन वक्त पर इस तरह की पाबंदियां लगेंगी, तो उत्सव की तैयारियों पर असर पड़ेगा। हालांकि, प्रशासन सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहा है।
नियमों का पालन करने की अंतिम चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि नियमों की अनदेखी की गई तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समितियों को हिदायत दी गई है कि वे प्रशासन द्वारा तय किए गए गाइडलाइंस के दायरे में रहकर ही अपने आयोजनों को अंतिम रूप दें।
(FAQs)
प्रश्न 1: रायपुर में प्रशासन द्वारा अचानक किस बात पर सख्ती बरती जा रही है?
उत्तर: प्रशासन द्वारा सड़क को घेरकर और बिना अनुमति के गणेश पंडाल बनाए जाने पर सख्ती बरती जा रही है।
प्रश्न 2: इस कार्रवाई में मुख्य रूप से कौन से अधिकारी शामिल थे?
उत्तर: इस कार्रवाई में नगर निगम जोन 5 कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट पश्चिम जोन के अधिकारी शामिल थे।
प्रश्न 3: समितियों से मुख्य रूप से कौन से दस्तावेज दिखाने को कहा गया है?
उत्तर: समितियों से पंडाल निर्माण हेतु वैध अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की जानकारी मांगी गई है।
प्रश्न 4: यह कार्रवाई रायपुर के किन प्रमुख क्षेत्रों में मुख्य रूप से देखने को मिली है?
उत्तर: यह कार्रवाई लाखेनगर चौक से पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र, बूढ़ापारा, रामसागर पारा, और फूल चौक जैसे प्रमुख इलाकों में की गई है।
प्रश्न 5: प्रशासन इस प्रकार की सख्ती क्यों बरत रहा है?
उत्तर: सड़कों पर पंडाल लगने से लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन यह सख्ती बरत रहा है।



