Raipur Gudhiyari Temple News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में एक मंदिर में स्थापित भगवान की प्रतिमाओं को खंडित किए जाने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गुढ़ियारी पड़ाव स्थित मंदिर में शिवलिंग, साईं बाबा और भगवान हनुमान की प्रतिमाओं पर टूट-फूट के निशान मिलने की जानकारी सामने आई है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मंदिर परिसर के आसपास पहुंच गए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।
मामले को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए हैं। संगठन के कार्यकर्ता गुढ़ियारी थाने पहुंचे और मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति या लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
गुढ़ियारी पड़ाव स्थित मंदिर में मिलीं खंडित प्रतिमाएं
जानकारी के अनुसार, गुढ़ियारी पड़ाव क्षेत्र में स्थित मंदिर में भगवान शिव के शिवलिंग, साईं बाबा और भगवान हनुमान की प्रतिमाओं में टूटने के निशान मिले हैं। प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों में नाराजगी फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में इस तरह की घटना बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि मंदिर परिसर में हुई घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए और यदि किसी ने जानबूझकर प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे गुढ़ियारी थाना
मंदिर की प्रतिमाओं में टूट-फूट की जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता गुढ़ियारी थाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों के सामने मामले की शिकायत रखी और प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। बजरंग दल का कहना है कि गुढ़ियारी पड़ाव एक व्यस्त और लगातार आवाजाही वाला इलाका है। ऐसे क्षेत्र में मंदिर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचने की घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता। संगठन ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान करने की मांग की है।
व्यस्त इलाके में घटना से उठे सवाल
गुढ़ियारी पड़ाव रायपुर के प्रमुख और व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां लोगों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में मंदिर परिसर में स्थापित प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और संगठनों का कहना है कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि घटना किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर की गई या प्रतिमाओं को किसी अन्य परिस्थिति में नुकसान पहुंचा। बिना जांच पूरी हुए घटना के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद गुढ़ियारी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मंदिर परिसर और आसपास की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिमाओं में टूट-फूट कब और कैसे हुई। जांच के दौरान पुलिस संभावित सबूतों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी। यदि आसपास सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं तो उनके फुटेज भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
स्थानीय लोगों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बनी हुई है। धार्मिक प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचने की खबर से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि मामले की जल्द जांच पूरी कर सच्चाई सामने लाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।


