रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने महाराजबंध तालाब एसटीपी कार्य में देरी पर ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी

टीआरपी।रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने रविवार को महाराजबंध तालाब में स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्माणाधीन 3 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्य की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जताते हुए महापौर ने ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी कि यदि 10 जुलाई 2026 तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ, तो भुगतान पर तत्काल रोक लगा दी जाएगी।

महाराजबंध तालाब रायपुर के महत्वपूर्ण जल निकायों में से एक है, जहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा होने से शहर के गंदे पानी को साफ कर पर्यावरण और जल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट में हो रही देरी सीधे तौर पर स्थानीय निवासियों की सेहत और स्मार्ट सिटी मिशन की विश्वसनीयता से जुड़ी है, इसलिए महापौर की यह कड़ाई शहर के विकास को गति देने के लिए जरूरी है।

धीमी प्रगति पर भड़कीं महापौर, अभियंताओं को दिए कड़े निर्देश

निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ रायपुर नगर निगम के जोन 5 अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, जोन कमिश्नर खीरसागर नायक, और स्मार्ट सिटी के उप अभियंता योगेन्द्र साहू व शुभम तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मौके पर निर्माण कार्य की ‘कछुआ छाप’ गति देखकर महापौर का पारा चढ़ गया। उन्होंने अनुबंधित एजेंसी मेसर्स समृद्धि वाटर वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि को कड़ी फटकार लगाई और कार्यस्थल पर तत्काल अतिरिक्त मजदूरों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

महापौर की सख्ती के बाद ठेकेदार के प्रतिनिधि ने मौके पर ही आश्वासन दिया कि महाराजबंध तालाब के एसटीपी का बचा हुआ काम हर हाल में 10 जुलाई 2026 तक पूरा कर प्लांट को चालू कर दिया जाएगा। इस पर महापौर ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अभियंताओं को लिखित में निर्देशित किया है कि यदि तय समयावधि के भीतर प्रोजेक्ट लाइव नहीं होता है, तो ठेका कंपनी के किसी भी प्रकार के भुगतान की फाइल को आगे न बढ़ाया जाए और उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

प्रोजेक्ट की क्षमता: महाराजबंध तालाब में 3 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) निर्माणाधीन है।

अंतिम समय-सीमा (Deadline): ठेकेदार को कार्य पूर्ण करने के लिए 10 जुलाई 2026 तक का आखिरी समय दिया गया है।

अनुबंधित एजेंसी: इस निर्माण कार्य का जिम्मा मेसर्स समृद्धि वाटर वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है।

निरीक्षण टीम: महापौर के साथ जोन 5 अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल और जोन स्वास्थ्य अधिकारी संदीप वर्मा भी मौके पर मुस्तैद रहे।

महापौर की इस अंतिम चेतावनी के बाद अब स्मार्ट सिटी के इंजीनियर्स को दैनिक स्तर पर कंस्ट्रक्शन प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करनी होगी। यदि 10 जुलाई तक प्लांट शुरू नहीं होता है, तो ठेकेदार ब्लैकलिस्टिंग और वित्तीय पेनाल्टी की जद में आ सकता है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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