Raipur Municipal Corporation sealing shops for tax recovery.

टीआरपी। रायपुर नगर निगम जोन 8 ने टैक्स बकाया होने पर 8 बड़े व्यवसायिक परिसरों को सील कर दिया है। निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई डिमांड बिल और अंतिम नोटिस के बावजूद टैक्स जमा नहीं करने पर की है।

जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल और सहायक राजस्व अधिकारी महादेव रक्सेल के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षकों ने वीर सावरकर नगर और पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड में दुकानों और परिसरों को सील किया।

राजधानी रायपुर में नगर निगम की यह कार्रवाई उन व्यवसायियों के लिए सख्त चेतावनी है जो वर्षों से संपत्तिकर जमा नहीं कर रहे हैं। इससे निगम के राजस्व में वृद्धि होगी और शहर के विकास कार्यों के लिए फंड जुटाने में मदद मिलेगी। साथ ही, उन लोगों पर भी शिकंजा कसा गया है जिन्होंने अपनी संपत्ति का मूल्यांकन तक नहीं कराया था।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जब तक बकाया राशि का पूर्ण भुगतान नहीं किया जाता, तब तक इन परिसरों की सील नहीं खोली जाएगी। आने वाले दिनों में रायपुर के अन्य जोनों में भी इसी प्रकार की बड़ी सीलबंदी की कार्रवाई की जा सकती है।

इन बड़े बकायादारों पर गिरी गाज

निगम द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन प्रमुख संपत्तियों पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया था:

बकायादार का नामबकाया राशि (₹)वार्ड / क्षेत्र
संतोषी देवी8,36,874वीर सावरकर नगर (वार्ड 1)
प्रितम सिंग जीत सिंग5,29,434वीर सावरकर नगर (वार्ड 1)
हरवंश सिंग, महेन्द्र सिंग व अन्य4,52,317वीर सावरकर नगर (वार्ड 1)
अशोक, विजय व विनोद नवानी2,25,857वीर सावरकर नगर (वार्ड 1)
राहुल धारीवाल1,83,697वीर सावरकर नगर (वार्ड 1)
आदिल खान1,41,022वीर सावरकर नगर (वार्ड 1)
सुरेन्दर व गुरविंदर सिंग1,17,410वीर सावरकर नगर (वार्ड 1)
हैदर रजाकर अधिरोपित नहींपं. नेहरू वार्ड (वार्ड 2)

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।