रायपुर नकटी में बुलडोजर कार्रवाई पर भड़की आम आदमी पार्टी

टीआरपी। रायपुर जिले के नकटी–सम्मानपुर में प्रशासन द्वारा की गई बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे अमानवीय घटना बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई में केवल गरीबों के मकान ही नहीं, बल्कि उनकी इंसानियत और सपने भी मलबे में दबा दिए गए हैं।

राजधानी रायपुर से सटे इलाके में 85 परिवारों के अचानक बेघर होने से स्थानीय स्तर पर बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है। बिना उचित पुनर्वास के की गई इस बेदखली के बाद अब बिलासपुर से लेकर रायपुर तक राजनीतिक माहौल गरमा गया है, जिससे आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था और आंदोलनों का दबाव बढ़ेगा।

सुशासन के नाम पर गरीबों का विस्थापन

29 जून 2026 को आम आदमी पार्टी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सूरज उपाध्याय के नेतृत्व में नकटी गांव पहुंचा। इस दल में मिहिर कुर्मी, नंदन सिंह, अनुषा जोसेफ़ और स्वाति तिवारी सहित कई नेता शामिल थे। प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात के बाद नेताओं ने बताया कि 29 जून की तड़के करीब 4 बजे भारी पुलिस बल के साथ लगभग 35 एकड़ जमीन पर बने 85 घरों को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।

See also  पटवारी का रिश्वत कांड: 45 हजार लेते वीडियो वायरल, 'सैलरी आने पर लौटा दूंगा' कहने वाला पटवारी सस्पेंड

पार्टी ने सरकार के सुशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन परिवारों को वर्षों से बिजली-पानी मिल रहा था और कई को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिला था, उन्हें बिना नोटिस और बिना पूर्ण पुनर्वास के उजाड़ दिया गया। प्रशासन का सभी को फ्लैट देने का दावा झूठा है; अब तक केवल 50 परिवारों को ही अस्थायी फ्लैट दिए गए हैं। ‘आप’ ने मांग की है कि सभी प्रभावितों को तत्काल मुआवजा, 5000 वर्गफुट आवासीय भूमि और स्थायी आवास दिया जाए।

कार्रवाई की तिथि और समय: 29 जून 2026 को तड़के सुबह लगभग 4 बजे भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई हुई।

नुकसान का पैमाना: लगभग 35 एकड़ सरकारी जमीन पर बने 85 मकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया।

पुनर्वास की स्थिति: प्रशासन के दावों के विपरीत अब तक केवल 50 परिवारों को ही अस्थायी फ्लैट मिल सके हैं।

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि वह प्रत्येक प्रभावित परिवार के न्याय और सम्मान के लिए सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर रायपुर कलेक्ट्रेट के घेराव की भी रणनीति बनाई जा रही है।

See also  बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ में अब होंगे 202 IAS के पद, राजपत्र में किया गया प्रकाशित

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।