मोहम्मद अकबर का साय सरकार पर बड़ा हमला

टीआरपी। ग्राम नकटी में गरीबों के मकान तोड़े जाने के मामले में पूर्व आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए साफ किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नकटी में विधायक या सांसदों की कॉलोनी बनाने की कोई योजना नहीं थी, बल्कि यह पूरी प्रक्रिया भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद शुरू की गई।

    रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। पूर्व मंत्री द्वारा उजागर किए गए सरकारी पत्रों से यह साफ हो रहा है कि गरीबों के आशियाने उजाड़ने के पीछे वीआईपी कॉलोनी का निर्माण है, जिससे स्थानीय विस्थापितों के न्याय की लड़ाई और तेज होगी।

    वीआईपी कॉलोनी के नाम पर गरीबों को उजाड़ा गया: अकबर

    पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि कांग्रेस सरकार की प्रस्तावित योजना केवल कुछ वर्गों के शासकीय कर्मचारियों के लिए सामान्य आवास निर्माण की थी। लेकिन दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद योजना का स्वरूप बदलकर सांसदों और विधायकों के लिए विशेष आवासीय कॉलोनी कर दिया गया। कांग्रेस सरकार के समय केवल 15.47 हेक्टेयर भूमि मांगी गई थी, लेकिन भाजपा राज में 4 अक्टूबर 2024 को रायपुर कलेक्टर को पत्र भेजकर 29.172 हेक्टेयर (करीब 72 एकड़) भूमि की मांग की गई और वहां बने कच्चे-पक्के मकानों को हटाने के निर्देश दिए गए।

    अकबर ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राज्य के कुल 106 जनप्रतिनिधियों (90 विधायक, 11 लोकसभा और 5 राज्यसभा सदस्य) के लिए आखिर 72 एकड़ जैसी विशाल भूमि की आवश्यकता कैसे पड़ गई? उन्होंने आशंका जताई कि जनप्रतिनिधियों के आवास के नाम पर पहले जमीन खाली कराई जा रही है और बाद में उसके एक बड़े हिस्से का व्यावसायिक दोहन किया जा सकता है। उन्होंने नकटी विवाद के बाद वहां आवास लेने से इनकार करने वाले कांग्रेस विधायकों के फैसले को पूरी तरह उचित ठहराया है।

    कांग्रेस सरकार के समय गृह निर्माण मंडल ने सामान्य आवास के लिए 15.47 हेक्टेयर भूमि मांगी थी, जिसे भाजपा सरकार ने बढ़ाकर 29.172 हेक्टेयर (72 एकड़) कर दिया।


    भाजपा सरकार के कार्यकाल में 4 अक्टूबर 2024 को सचिव के हस्ताक्षर से रायपुर कलेक्टर को पत्र जारी कर जमीन पर बने मकानों को हटाने के निर्देश दिए गए थे।

    इन दस्तावेजी खुलासों के बाद नकटी जमीन विवाद को लेकर कांग्रेस सरकार पर दबाव और बढ़ाएगी, जिससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक सियासी घमासान मचना तय है।

    रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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