Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था को लेकर निगम प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। अगर आप वीर सावरकर नगर या पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड के निवासी हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।

नगर निगम की टीम ने जब वार्डों का औचक निरीक्षण किया, तो वहां जो नजारा दिखा उसने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। निर्धारित संख्या से आधे कर्मचारी भी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिसके बाद निगम ने तुरंत कड़ा फैसला लेते हुए ठेकेदारों पर जुर्माना ठोक दिया है।

वार्डों में मिली भारी गंदगी, रजिस्टर से गायब मिले नाम

रायपुर नगर निगम के जोन 8 के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 1 और 2 में शुक्रवार को हड़कंप मच गया। जब निगम की टीम अचानक निरीक्षण के लिए पहुंची, तो कागजों पर तैनात सफाई कर्मचारियों की फौज जमीन से नदारद मिली। वीर सावरकर नगर (वार्ड 1) में जहां 38 कर्मचारी होने चाहिए थे, वहां सिर्फ 19 लोग ही झाड़ू लगाते दिखे। यही हाल पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड (वार्ड 2) का रहा, जहां 38 में से 12 कर्मचारी गायब थे और नालियां कचरे से पटी पड़ी थीं।

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ठेका रद्द करने की तैयारी, भारी जुर्माना वसूलने का आदेश

जोन स्वास्थ्य अधिकारी गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक गिरिजेश तिवारी ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया। लापरवाही की हद देखते हुए प्रशासन ने दोनों वार्डों के ठेकेदारों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निगम कमिश्नर ने इन ठेकेदारों का ठेका निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

सुपरवाइजर को नोटिस, सिविल लाइन इलाके में भी गिरी गाज

कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं रुका। जोन 4 के सिविल लाइन (वार्ड 46) में जगह-जगह गंदगी और मलबे के ढेर मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। यहां के वार्ड सुपरवाइजर कार्तिक नेताम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 4 मई तक जवाब देने का अल्टीमेटम मिला है, वरना उन पर भी निलंबन की तलवार लटक सकती है।

निगम की नई रणनीति: अब रोज होगा औचक निरीक्षण

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को ध्यान में रखते हुए निगम ने साफ कर दिया है कि अब ढिलाई की कोई जगह नहीं है। प्रशासन की नई रणनीति के तहत हर वार्ड का रोजाना रैंडम तरीके से औचक निरीक्षण किया जाएगा। हाजिरी रजिस्टर और मौके पर मौजूद कर्मचारियों का मिलान अनिवार्य होगा। सिर्फ ठेकेदार ही नहीं, बल्कि स्वच्छता निरीक्षक और जोन अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होगी। गंदगी मिलने पर तत्काल स्पॉट फाइन और नोटिस की कार्रवाई होगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।