Chhattisgarh Environment Conservation Board Action on Polluting Industries.

टीआरपी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पिछले 15 दिनों के भीतर नियमों का उल्लंघन करने वाले 15 उद्योगों के उत्पादन पर रोक लगा दी गई है और उनके विद्युत विच्छेदन (बिजली काटने) के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

सिलतरा, उरला और रावांभाठा जैसे रिहायशी इलाकों के करीब स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इस सख्त कार्रवाई से स्थानीय निवासियों को जहरीली हवा से राहत मिलने की उम्मीद है और यह अन्य उद्योगों के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है।

मेटल पार्क और सिलतरा में बड़ी कार्रवाई

मंडल द्वारा 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच किए गए आकस्मिक निरीक्षण में पाया गया कि कई इकाइयां बिना वैध अनुमति और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के चल रही थीं। सबसे बड़ी कार्रवाई मेटल पार्क, रावांभाठा में हुई, जहां 11 इकाइयों को बंद कराया गया। इनमें 09 स्लैग क्रशर, 01 बाइंडिंग वायर और 01 स्टील फर्नीचर इकाई शामिल है।

इसके अलावा, ग्राम चरौदा स्थित स्पंज आयरन उद्योग मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पुराना नाम- इंडियन स्टील) और सिलतरा स्थित मे० एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड पर भी वायु प्रदूषण फैलाने के कारण ताला जड़ दिया गया है। उरला-गोंदवारा क्षेत्र में मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स के खिलाफ भी समान कार्रवाई की गई है।

9.22 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित

नियमों के उल्लंघन पर केवल तालाबंदी ही नहीं, बल्कि भारी आर्थिक दंड भी लगाया गया है। मंडल ने पर्यावरण को हुई क्षति की भरपाई के लिए 3 उद्योगों पर कुल 9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक ये उद्योग प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को पूरा नहीं करते, तब तक इन्हें दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

15 दिनों में कुल 15 औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन बंद कर बिजली काटी गई।

कुल 9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि उद्योगों पर लगाई गई।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय ने संकेत दिए हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों में औचक निरीक्षण का यह सिलसिला जारी रहेगा। प्रदूषक उत्सर्जन और दूषित जल छोड़ने वाली अन्य इकाइयों पर भी आने वाले दिनों में गाज गिर सकती है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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