Shoaib Dhebar Extortion Case: रायपुर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर अब पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें सक्रिय कर दी हैं। अदालत से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बाद उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए शोएब राज्य से बाहर निकल सकता है। इसी वजह से गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों में भी उसकी तलाश की जा रही है। मामले में लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाने के बाद उसके देश से बाहर भागने की संभावनाओं पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस की दबिश से पहले ही हो गया फरार
पुलिस ने शोएब के पाम बेलाजियो स्थित ठिकाने, बैरन बाजार स्थित पारिवारिक आवास समेत कई जगहों पर एक साथ दबिश दी थी। लेकिन पुलिस टीमों के पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल गया। पुलिस को आशंका है कि कार्रवाई की गोपनीय जानकारी पहले ही उसके पास पहुंच गई थी।
पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज
छापेमारी की सूचना लीक होने की आशंका के बीच एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट से जुड़े पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक दो आरक्षकों को लाइन अटैच किया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि छापेमारी की जानकारी आरोपी तक कैसे पहुंची।
14 सितंबर को मिली थी 25 करोड़ की धमकी
मामला 14 सितंबर से जुड़ा है। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को विदेशी नंबर से वॉट्सऐप के जरिए धमकी दी गई थी। आरोप है कि धमकी देने वाले ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और रकम नहीं देने पर कुकरेजा तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। जांच के दौरान शोएब ढेबर की भूमिका सामने आई।
गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम
शोएब के लगातार फरार रहने के बाद रायपुर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस के मुताबिक उसके बारे में सटीक और विश्वसनीय जानकारी देने वाले व्यक्ति को यह पुरस्कार दिया जाएगा। उसकी तलाश में कई टीमें संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।
50 करोड़ वाले मामले से भी जुड़ रहे तार
पुलिस इस मामले की कड़ियों को पूर्व महापौर एजाज ढेबर से मांगी गई 50 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले से भी जोड़कर देख रही है। उस मामले में भी लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गिरोह के नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। अब पुलिस दोनों मामलों के बीच संभावित नेटवर्क और समानताओं की जांच कर रही है।



