रायपुर। राजधानी रायपुर को देश के टॉप-3 स्वच्छ शहरों में शामिल करने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की रैंकिंग सुधारने के लिए निगम ने सभी 10 जोनों को 2.58-2.58 करोड़ रुपये का विशेष बजट जारी करने का निर्णय लिया है।

अभियान की विस्तृत रणनीति

नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी जोन कमिश्नर डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और कचरा छंटाई पर सख्ती से निगरानी रखें। जारी किए गए 2.58 करोड़ के फंड का उपयोग सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव, कचरा मुक्त बाजार और शहर के प्रमुख चौराहों की नियमित सफाई के लिए किया जाएगा।

सफाई के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत शहर के स्कूलों और कॉलेजों में स्वच्छता की शपथ, नुक्कड़ नाटक और सोशल मीडिया कैंपेन चलाए जाएंगे ताकि युवा पीढ़ी इस मुहिम का हिस्सा बन सके।

फीडबैक पर सबसे बड़ा फोकस: 1000 अंकों की जंग

स्वच्छता रैंकिंग में इस बार जनता का फीडबैक सबसे निर्णायक साबित होने वाला है। पहले इसके लिए 500 अंक निर्धारित थे, जिसे अब बढ़ाकर 1000 अंक कर दिया गया है।

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अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर के लोग सफाई व्यवस्था पर अपनी राय देने में पीछे रह जाते हैं, जिससे शहर को हर साल 100 से 200 अंक का ही फायदा मिल पाता है। इसके विपरीत, इंदौर और जयपुर जैसे शहर यहां बाजी मार ले जाते हैं। इस बार हर वार्ड में विशेष अभियान चलाकर पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को फीडबैक देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।