Akash Tiwari protest at Swami Atmanand School Raipur

टीआरपी। छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना अब बदहाली की कगार पर है। राजधानी रायपुर के आत्मानंद स्कूल में नया सत्र आने को है, लेकिन छात्रों को अब तक पिछले साल की ड्रेस नहीं मिल सकी है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर स्कूल का निरीक्षण किया, जहाँ व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।

आत्मानंद स्कूल राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में ‘वर्ल्ड क्लास’ शिक्षा देने के लिए शुरू किए गए थे। बुनियादी सुविधाओं जैसे ड्रेस और शिक्षकों की कमी सीधे तौर पर हजारों छात्रों के भविष्य और उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर रही है।

शिक्षकों की कमी से पढ़ाई ठप, प्यून तक नहीं

निरीक्षण के दौरान स्कूल के शिक्षकों ने स्वयं स्वीकार किया कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है। वर्तमान में 5 शिक्षक और 2 प्यून के पद खाली पड़े हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 1200 बच्चों के इस स्कूल में स्टाफ की कमी होने के बावजूद मौजूदा शिक्षकों की ड्यूटी ‘SIR’ (सर्वे/अन्य कार्य) में लगा दी गई है, जिससे बच्चों की नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं।

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नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि जब तक यह योजना कलेक्टरों के अधीन थी, तब तक व्यवस्थाएं सुचारू थीं। लेकिन जब से भाजपा सरकार ने इसे सीधे शिक्षा विभाग को सौंपा है, स्कूलों की हालत खस्ता हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अनदेखी के कारण बच्चों को साल भर से यूनिफॉर्म तक नसीब नहीं हुई है।

कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

प्रेस वार्ता और निरीक्षण के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर इस सफल योजना को बंद करने या कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मिलिंद गौतम, मंडल अध्यक्ष देव दीवान कुर्रे, विक्की वाधवानी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • छात्रों की संख्या: स्कूल में कुल 1200 बच्चे अध्ययनरत हैं।
  • ड्रेस का इंतजार: 1 साल बीत जाने के बाद भी बच्चों को नहीं मिली स्कूल ड्रेस।
  • स्टाफ की कमी: 5 शिक्षकों और 2 चपरासियों (प्यून) के पद लंबे समय से रिक्त।
  • व्यवस्था में बदलाव: कलेक्टरों के बजाय शिक्षा विभाग के नियंत्रण में आने के बाद बढ़ी अव्यवस्था।
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कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ड्रेस वितरण और शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस ‘खस्ता हाल’ को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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