राकेश टिकैत

मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा कर दी थी। लेकिन पता नहीं क्या कारण रहे कि राजनैतिक होने के बावजूद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत खुलकर भाजपा विरोधी खेमे की आवाज बन गए।

किसान आंदोलन के दौरान प्रमुख संगठन रहे भारतीय किसान यूनियन में यूं तो 35 सालों में 11 बार टूट हुई है, लेकिन इस बार यह बड़ा विभाजन है। अराजनैतिक होने का दम भरने के बावजूद विधानसभा चुनावों में खुलकर भाजपा के खिलाफ राजनीति करना टिकैत बंधुओं को महंगा पड़ गया। उनके निकट सहयोगियों ने उनका साथ छोड़ते हुए नए किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक गठन किया है।

इसमें जिले की दूसरी सबसे बड़ी गठवाला खाप के चौधरी को चेयरमैन और राष्ट्रीय संरक्षक बनाया गया है। दरअसल भाकियू के विभाजन की नींव तभी पड़ गई थी, जब नवंबर 2021 में भाकियू के मुख्यालय सिसौली में भाजपा विधायक उमेश मलिक पर हमला हुआ था।

See also  बाघों के खाल की तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई, पासेवाड़ा रेंजर, डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड निलंबित

उमेश मलिक पर हमला करने वालों के बचाव में आए थे टिकैत

हमले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने देने पर चौधरी नरेश टिकैत अड़ गए थे। यहीं से आपसी कलह की शुरुआत हो गई थी। सिसौली में भाजपा विधायक उमेश मलिक पर हमले के बाद जब नामजद आरोपियों के पक्ष में चौधरी नरेश टिकैत ने खुलकर बयान दिया तो गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह उनके सामने खुलकर खड़े हो गए थे। किसानों की एकजुटता खापों की राजनीति में बंट गई थी। इसके बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की तो भाकियू नेता राकेश टिकैत अपनी उस बात पर अमल नहीं कर पाए कि बिल वापसी तो घर वापसी।

महेंद्र टिकैत की पुण्यतिथि पर ही बंट गया संगठन

भाकियू को विभाजन का झटका ठीक उसी दिन लगा, जब संस्थापक महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि थी। दरअसल चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने अपने अराजनैतिक स्वरूप को अपनाते हुए किसानों के लिए सरकार से ऐसी मांगें भी मनवा ली थी जिसके बारे में किसान सोच भी नहीं सकते थे। अराजनैतिक रहते हुए उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को किसानों के पक्ष में घोषणा करने के लिए सिसौली आने पर मजबूर कर दिया। उनके समय में मंच से प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, प्रधानमंत्री देवगौड़ा, मुख्यमंत्री वीरबहादुर सिंह, मुलायम सिंह यादव, राजनाथ सिंह आदि ने संबोधन किया, लेकिन उन पर कभी राजनैतिक होने का ठप्पा नहीं लगा। उनके जाने के बाद उनके पुत्रों नरेश टिकैत और राकेश टिकैत इस स्वरूप को बरकरार नहीं रख पाए।

See also  CG Top 5 News: CM साय आज तिरंगा यात्रा में होंगे शामिल, रायपुर में मिनीमाता स्मृति दिवस, पढ़ें 5 बड़ी खबरें

भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल घिरे टिकैत बंधु

नए किसान संगठन भाकियू अराजनैतिक बनाने वाले नेताओं का कहना है कि चुनाव से काफी समय पूर्व सिसौली में विपक्षी दल के उम्मीदवारों को बुलाकर भाजपा विरोधी पार्टियों के सिंबल दिए गए। जिला पंचायत चुनावों में भाजपा विरोधी खेमे के जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम तय किया गया। इससे भाकियू की अराजनैतिक छवि को धक्का लगा।

मलिक ने टिकैत बंधुओं पर लगाया पैसे बनाने का आरोप

नई भाकियू में संरक्षक-चेयरमैन बनाये गए शामली के लिसाढ़ गांव निवासी बाबा राजेन्द्र सिंह मलिक ने टिकैत परिवार पर भाकियू के नाम पर राजनीति के साथ-साथ जमकर पैसा बनाने का आरोप लगाए। साथ ही कहा कि हम धरने को बीच में उठाकर भागने वाले लोग नहीं हैं।

किसानों के मुद्दों को लेकर पूरी ईमानदारी से संघर्ष होगा और बात मनवाने के बाद ही धरने समाप्त किए जाएंगे। गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेन्द्र सिंह मलिक ने कहा कि भाकियू की स्थापना के समय और आज की आर्थिक स्थिति का आंकलन करने से राकेश और नरेश टिकैत की कारगुजारी का अंदाजा लगाया जा सकता है। 

See also  CG Naxal News: एनकाउंटर के बाद 8 लाख का नक्सली कमांडर श्रीकांत पुनेम राजनांदगांव से गिरफ्तार

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।