रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री के साथ तापमान में तेजी से गिरावट आई है। तीन दिन पहले तक प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर अधिकतम तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस था, जो अब गिरकर 32-33 डिग्री सेल्सियस रह गया है। रात के न्यूनतम तापमान में भी 7 डिग्री तक की कमी आई है। बादल, बारिश और ठंडी हवाओं से नमी 40 फीसदी बढ़ गई है।

बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 98.8 मिलीमीटर बारिश गरियाबंद जिले में रिकॉर्ड की गई है। कोरिया में 86.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। पूरे प्रदेश में जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं धमतरी जिले के नगरीय इलाके में हुई भारी बारिश से सोंढूर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बलौदाबाजार 21 जून को सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां 42.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। जो घटकर 32.6 डिग्री हो गया है। यहां लगभग 10 डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जांजगीर में जहां 21 जून को तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस था वो घटकर 23 जून को 34.5 डिग्री सेल्सियस चला गया है। प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में से एक मुंगेली में तापमान 42.5 डिग्री था वो घटकर 32.9 डिग्री हो गया है।

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दुर्ग में 40.6 डिग्री तापमान घटकर 37.2, राजनांदगांव में 41.5 डिग्री तापमान घटकर 31.5, रायगढ़ में 21 जून को जो तापमान 42.7 डिग्री था वो अब घटकर 34 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।, बिलासपुर में भी 41.4 डिग्री तापमान घटकर 32.2 हो गया है। इसी तरह महासमुंद में जो तापमान 39.6 डिग्री था वो 31.7 डिग्री सेल्सियस हो गया है। राजधानी रायपुर में 41.6 डिग्री तापमान घटकर 31.1 डिग्री सेल्सियस चला गया है।

इन इलाकों में हुई बारिश आंकड़े सेंटीमीटर में

सुकमा पाली – 7 सेमी, नगरी -6 सेमी, जगदलपुर, पथरिया, नारायणपुर, बीजापुर और देवभोग में – 5 सेमी, दरभा, बस्तानार, लोहण्डीगुड़ा, भैरमगढ़, दुर्गकोंदुल और तिल्दा में – 4 सेमी छूईखदान, माकड़ी, कोटा, सरायपाली, बलौदाबाजार, अंबागढ़ चौकी, सिमगा, बस्तर, थानखम्हरिया, पामगढ़, गीदम, तोकपाल, कटेकल्याण, मनोरा,डोंगरगढ़, मैनपुर, मोहला, छिंदगढ़, सहसपुर लोहारा, तमनार और दुलदुला में 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

यहां मानसून की एंट्री के साथ आई आफत

जिले के नगरी ब्लॉक में मानसून के साथ आफत शुरू हो गई है। ओडिशा में भारी बारिश से पानी सोंढूर नदी में 22 जून को देर-शाम तक पहुंचा। नदी में अचानक से बाढ़ आ गया। इस बीच ट्रैक्टर में सवार करीब 50 ग्रामीण नदी पार करते समय पानी के तेज बहाव में बहने से बच गए। बड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय युवाओं ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

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