मेरी चरित्र हत्या की कोशिश करने वालों को भी धन्यवाद

जगदलपुर। टिकट कटने के बाद राजस्थान रवाना होने से पहले अपने समर्थकों से मिलकर संतोष बाफना ने कहा, ”मैं पार्टी का सिपाही हूं। पार्टी ने मुझे बहुत सम्मान दिया है। इसलिए मैं उनका आभारी हूं। कुछ लोगों ने मेरी चरित्र हत्या करने की कोशिश की। उनको भी मैं धन्यवाद देता हूं। विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी जो दायित्व सौंपेगी उसे मैं पूरा करूंगा।

जगदलपुर विधानसभा सीट को छोड़कर बाकि 89 सीटों पर जहां पार्टी आदेश करेगी वहां काम करूंगा। विधानसभा सीट पर किरण देव को टिकट दिए जाने से यहां से दो बार के बीजेपी विधायक संतोष बाफना का दर्द छलक उठा है। संतोष बाफना से जगदलपुर के ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में समर्थक मिलने पहुंचे। टिकट नहीं मिलने से उनमें नाराजगी साफ देखी जा रही थी। बाफना ने मीडिया से कहा कि यह उनकी राजनीतिक सफर का अंतिम पड़ाव है।

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बस्तर संभाग की 12 सीटों में से एकमात्र जगदलपुर विधानसभा सीट ही सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। लेकिन इससे पहले इस सीट से दो बार संतोष बाफना विधायक रहे हैं लेकिन साल 2018 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। एक बार फिर से 2023 में होने वाले चुनाव के लिए उन्होंने अपनी दावेदारी पेश की थी। लेकिन बीजेपी ने जगदलपुर से किरण देव को टिकट दिया। जिसके कारण संतोष बाफना क समर्थकों के चेहरों पर मायूसी देखने को मिली।

बाफना ने कहा कि जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में वे इसलिए काम नहीं करेंगे क्योंकि यदि काम करेंगे भी तो पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप उन पर लगाया जाएगा। क्योंकि इससे पहले के नगर निगम चुनाव में उनके विधायक रहते प्रत्याशियों ने पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया था, लेकिन वे कभी पार्टी के खिलाफ नहीं गए। वहीं टिकट वितरण को लेकर नाराजगी के सवाल पर बाफना ने कहा कि पार्टी और किसी व्यक्ति से नाराजगी का कोई प्रश्न नहीं उठता है। जगदलपुर से जिस प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाया गया है वह मेरा छोटा भाई है।

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