टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक सनसनीखेज मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र सिंह को दुष्कर्म का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत सात साल की सश्रम कैद और ₹15,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही धारा 450 (अनधिकृत प्रवेश) के तहत भी पांच साल की सजा दी गई है, हालांकि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट के फैसले के बाद धर्मेंद्र सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

धर्मेंद्र सिंह ka अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और सक्ती रियासत के राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने गोद लिया था, क्योंकि उनके कोई संतान नहीं थी। राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह का हाल ही में 29 अप्रैल को निधन हुआ है। धर्मेंद्र सिंह को सक्ती राज परिवार का उत्तराधिकारी माना जाता है।

अदालती कार्यवाही के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि धर्मेंद्र सिंह ने एक महिला के घर में जबरन घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने धर्मेंद्र सिंह को दोषी माना।

यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि यह व्यक्ति एक प्रतिष्ठित राजनीतिक और राज परिवार से संबंध रखता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।