फसल कटाई का उत्सव है सैलाम नृत्य, सागर से आये कलाकारों ने दी मोहक प्रस्तुति

रायपुर। फसल की कटाई का मौका कितना खूबसूरत होता है और कितना उमंग से भरा, राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव में सैलाम नृत्य कर रहे लोककलाकारों ने यह सुंदर दृश्य अपने नृत्य से प्रस्तुत कर दिया। ये मध्यप्रदेश के सागर से आये लोककलाकार थे।

चटख रंग वाले परिधानों से सजे हरे-लाल वस्त्रों के साथ लोककलाकारों ने जब अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया तो सचमुच फसल कटाई का उत्सव आंखों के सामने साकार हो गया। इसके साथ ही बांसुरी की धुन और नगाड़े की थाप ने अद्भुत संगीत पैदा किया। इस संगीत की लय में थिरकते लोक कलाकारों के पदचाप से समूचा परिदृश्य जादूई हो गया।

नृत्य की खूबसूरती में कलाकारों की सजावट ने चार चाँद लगा दिये। कलाकारों ने परंपरागत वस्त्र पहने थे। बेहद खूबसूरत इन वस्त्रों के साथ ही परंपरागत आभूषणों की सुंदरता ने लोगों का मन मोह लिया।

सैताम नृत्य फसल कटाई के सीजन में बहुत लोकप्रिय है और लोक उत्सव को प्रकट करने का अंचल के लोगों का अपना खास तरीका है। पूरे नृत्य में कलाकारों की जो जुगलबंदी दिखी, वो अद्भुत रही। लोगों ने इस नृत्य को बहुत सराहा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।