Chhattisgarh School News: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्कूल परिसर के पास एक दर्दनाक हादसे में 7 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। सिमगा तहसील के हथबंध क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद स्कूल के मुख्य गेट का हिस्सा अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई। घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
खेलते-खेलते पहुंचा स्कूल गेट के पास
जानकारी के मुताबिक, मृतक बच्चे की पहचान शिवम यादव, पिता नन्हीं यादव, निवासी रतनपुर, बिलासपुर के रूप में हुई है। शिवम अपने परिजनों के साथ हथबंध में एक रिश्तेदार के घर आया हुआ था। शनिवार 12 सितंबर को बच्चा खेलते हुए घर के पास स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के मुख्य गेट के आसपास पहुंच गया। इसी दौरान जर्जर पिलर से लगा लोहे का गेट अचानक गिर गया। गेट की चपेट में आने से बच्चा उसके नीचे दब गया। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।
गंभीर हालत में अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
हादसे के बाद बच्चे को गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के बाद ग्रामीणों में नाराजगी
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। स्कूल के मुख्य गेट की स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। ग्रामीणों का सवाल है कि अगर स्कूल का मुख्य गेट या उसका पिलर जर्जर हालत में था, तो उसकी समय रहते मरम्मत या सुरक्षा के लिए कदम क्यों नहीं उठाए गए।
SDM ने दिए जांच के निर्देश
हादसे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसडीएम ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में स्कूल के गेट और पिलर की स्थिति, रखरखाव और हादसे के संभावित कारणों की पड़ताल की जाएगी। वहीं प्रशासन की ओर से जांच के बाद जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
जर्जर निर्माण को लेकर उठे सवाल
इस हादसे ने सरकारी स्कूल परिसरों में पुराने और जर्जर निर्माण की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम है। ऐसे में परिसर के गेट, दीवार, छत और अन्य संरचनाओं की नियमित जांच और समय पर मरम्मत जरूरी है।



