बुधवार, 9 सितंबर 2026 बुध, 9 सित |
संस्करण:
छत्तीसगढ़

Sukma Protest: जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर सुकमा में कांग्रेस का प्रदर्शन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Sukma Protest: जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर सुकमा में कांग्रेस का प्रदर्शन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Sukma Protest: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को बड़ा प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी के नेतृत्व में जिलेभर से पहुंचे आदिवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता सुकमा बस स्टैंड पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आत्मसमर्पण करने वाले बड़े नक्सलियों को मुख्यधारा में शामिल कर रही है, जबकि वर्षों से जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।

जिला मुख्यालय में जुटे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी

सुकमा बस स्टैंड पर आयोजित प्रदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आदिवासी, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों की समीक्षा कर उनकी रिहाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

हरीश कवासी ने सरकार से उठाए सवाल

मीडिया से बातचीत में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि जिन लोगों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है, उन्हें सरकार विभिन्न योजनाओं का लाभ दे रही है। ऐसे में लंबे समय से जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों पर भी संवेदनशीलता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं या जिनके मामले लंबे समय से लंबित हैं, उनके प्रकरणों की समीक्षा कर न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

विक्रम मंडावी ने भी किया समर्थन

प्रदर्शन में शामिल बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने भी सरकार से आदिवासी बंदियों के मामलों की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और उनके लिए लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ना कठिन हो गया है। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।