Swachh Vayu Survekshan 2026: रायपुर नगर पालिक निगम ने पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026’ में 10 लाख से अधिक आबादी वाले देश भर के प्रमुख शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक प्राप्त कर 6ठा स्थान दर्ज किया है। यह रैंकिंग शहर में लगातार चलाए जा रहे प्रदूषण नियंत्रण अभियानों और हरित पहलों का सीधा परिणाम है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर रायपुर की महापौर मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने शहरवासियों, जनप्रतिनिधियों और सफाई मित्रों को बधाई दी। उन्होंने साझा बयान में कहा, “स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 6ठा स्थान मिलना पूरे रायपुर के लिए गर्व का क्षण है।
वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार: PM-10 के स्तर में 18% की गिरावट
रायपुर शहर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान वायु प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में रायपुर में PM-10 का औसत स्तर 78 µg/m³ दर्ज किया गया था, जो वर्ष 2025-26 में घटकर 64 µg/m³ पर आ गया है। इस प्रकार पिछले तीन वर्षों की तुलना में PM-10 के स्तर में लगभग 18% की सीधी गिरावट दर्ज की गई है।
| वर्ष | PM-10 (µg/m³) |
| 2017-18 | 70 |
| 2018-19 | 68 |
| 2019-20 | 63 |
| 2020-21 | 55 |
| 2021-22 | 61 |
| 2022-23 | 78 |
| 2023-24 | 76 |
| 2024-25 | 75 |
| 2025-26 | 64 |
राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में भी रायपुर का दबदबा
केवल शहर स्तर पर ही नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर भी रायपुर नगर पालिक निगम का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। छत्तीसगढ़ की राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में 30,000 से अधिक आबादी वाली श्रेणी में रायपुर का वार्ड क्रमांक 46 शीर्ष पर रहा। वहीं, 10,000 से 30,000 आबादी वाली श्रेणी में रायपुर के वार्ड क्रमांक 30 ने स्थान बनाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम के 6 प्रमुख कदम
रायपुर नगर निगम द्वारा शहर में हवा साफ रखने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ काम किया जा रहा है:
सड़कों का पैच रिपेयर वर्क: धूल उड़ने से रोकने के लिए लगभग 100 किमी लंबी सड़कों का पैच वर्क किया गया।
मैकेनिकल स्वीपिंग: प्रतिदिन 7 अत्याधुनिक मशीनों के जरिए लगभग 150 किमी मुख्य सड़कों की सफाई की जा रही है।
ई-मोबिलिटी को बढ़ावा: शहर में 30 ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन चालू किए गए हैं और वर्तमान में शहर में लगभग 26,254 ई-वाहन पंजीकृत हैं।
कचरा प्रबंधन: कचरे के व्यवस्थित निपटान के लिए 10 कचरा ट्रांसफर स्टेशन स्थापित किए गए हैं।
व्यापक वृक्षारोपण: वर्ष 2025-26 में शहर भर में लगभग 42,000 पौधों का रोपण किया गया।
मियावाकी तकनीक: 3 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से 23,000 पौधे लगाए गए।
मियावाकी प्लांटेशन: 91.30% जीवंतता दर के साथ घना जंगल तैयार
शहर के हरित क्षेत्र को तेजी से बढ़ाने के लिए रायपुर में 3 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी पौधरोपण अभियान चलाया गया। इस विशेष तकनीक से रोपे गए 23,000 पौधों में 91.30% पौधों का जीवन्तता प्रतिशत (सर्वाइवल रेट) दर्ज किया गया है। यह तकनीक शहरी तापमान और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है।
लक्ष्य केवल रैंकिंग नहीं, स्वच्छ और स्वस्थ रायपुर बनाना
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर रायपुर की महापौर मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने कहा, “स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 6ठा स्थान मिलना पूरे रायपुर के लिए गर्व का क्षण है। हमारा मुख्य ध्येय केवल रैंकिंग हासिल करना नहीं, बल्कि रायपुर के हर नागरिक को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण देना है। आने वाले समय में धूल नियंत्रण, ई-वाहन कनेक्टिविटी और पौधारोपण को और अधिक गति दी जाएगी।”
FAQ
प्रश्न 1: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रायपुर को कौन सा स्थान मिला है?
उत्तर: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर को देश में 6ठा स्थान (189 अंक) मिला है।
प्रश्न 2: रायपुर में PM-10 के स्तर में कितनी कमी आई है?
उत्तर: रायपुर में PM-10 का स्तर वर्ष 2022-23 के 78 µg/m³ से घटकर वर्ष 2025-26 में 64 µg/m³ हो गया है, जो कि लगभग 18% की कमी है।
प्रश्न 3: राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में रायपुर के किन वार्डों को सफलता मिली है?
उत्तर: 30,000 से अधिक आबादी की श्रेणी में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 को और 10,000 से 30,000 आबादी की श्रेणी में वार्ड क्रमांक 30 को स्थान मिला है।
प्रश्न 4: रायपुर में मियावाकी पौधरोपण अभियान की क्या सफलता रही?
उत्तर: 3 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से 23,000 पौधे लगाए गए, जिनका जीवन्तता प्रतिशत (Survival Rate) 91.30% दर्ज किया गया।
प्रश्न 5: वायु प्रदूषण रोकने के लिए रायपुर निगम ने ई-वाहनों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर: शहर में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए 30 ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिससे शहर में ई-वाहनों की संख्या बढ़कर लगभग 26,254 हो गई है।


