CG TET News: छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर जारी चर्चा के बीच छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है। एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जानी चाहिए।
पैरेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षक भर्ती और पदोन्नति में TET की अनिवार्यता बनाए रखना जरूरी है। संगठन के अनुसार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्कूलों में योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। एसोसिएशन ने पत्र में यह भी कहा कि TET से छूट देने का कोई फैसला न्यायालय और संबंधित नियमों के विपरीत हो सकता है। ऐसे में सरकार को शिक्षकों की पात्रता और पदोन्नति से जुड़े फैसले पूरी कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए लेने चाहिए।
शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष किष्टोफर पॉल ने अपने पत्र में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में छात्र और अभिभावक लंबे समय से नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। एसोसिएशन का कहना है कि एक तरफ प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर नई भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रियाओं में देरी की स्थिति देखने को मिल रही है।
TET को अनिवार्य बनाए रखने की मांग
पैरेंट्स एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE, केंद्र सरकार और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार शिक्षक भर्ती और पदोन्नति से संबंधित पात्रता नियमों का पालन किया जाना चाहिए। संगठन का मानना है कि TET शिक्षकों की शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता के आकलन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के पास आवश्यक पात्रता हो। एसोसिएशन ने मांग की है कि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए TET की अनिवार्यता को बरकरार रखा जाए।
बिना TET पदोन्नति देने पर जताई आपत्ति
पैरेंट्स एसोसिएशन ने बिना TET पास किए शिक्षकों को पदोन्नति देने की किसी भी संभावित व्यवस्था पर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि यदि आवश्यक पात्रता नियमों को नजरअंदाज कर पदोन्नति दी जाती है तो भविष्य में कानूनी विवाद खड़े हो सकते हैं। इससे शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया दोबारा प्रभावित होने की संभावना भी बन सकती है। एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि किसी भी फैसले से पहले सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार किया जाए ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति न बने।
सरकार से पारदर्शी नीति बनाने की मांग
पैरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से TET की अनिवार्यता को बनाए रखने की मांग की है। साथ ही संगठन ने योग्य शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की भी मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार को जल्द और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। संगठन ने मांग की कि नई शिक्षक भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया को पारदर्शी नीति के तहत आगे बढ़ाया जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों और शिक्षकों को समय पर अवसर मिल सके।



