टीआरपी। suicide by hanging himself in jail : रायपुर सेंट्रल जेल के भीतर एक विचाराधीन कैदी ने फांसी लगा ली। फांसी कैदी ने लगाई या कुछ और साजिश है, इसकी जांच करने की मांग को लेकर गाड़ा समाज के लोगों ने जेल परिसर के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जेल में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश के माध्यम से जांच कमेटी गठित करके जांच करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि विचाराधीन बंदी सुनील महानंद ने रविवार की रात बैरक 5 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जेल प्रशासन ने परिजनों को रात को ही सूचना दे दी थी। इसके बाद परिजन जेल परिसर पहुंचे और हत्या का आरोप लगाते हुए जेल के समक्ष धरना दिया। परिजनों की शिकायत है कि थाने में सुनील महानंद को प्रताड़ना दी जाती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि परिजनों को सूचना दिए बगैर अंबेडकर अस्पताल स्थित मर्चुरी भेज दिया गया। टिकरापारा पुलिस ने मृतक को झूठे मामले में फंसाया। अब जेल में रहस्यमयी तरीके से मौत होना संदेह को जन्म देता है।


