टीआरपी। suicide by hanging himself in jail : रायपुर सेंट्रल जेल के भीतर एक विचाराधीन कैदी ने फांसी लगा ली। फांसी कैदी ने लगाई या कुछ और साजिश है, इसकी जांच करने की मांग को लेकर गाड़ा समाज के लोगों ने जेल परिसर के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जेल में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश के माध्यम से जांच कमेटी गठित करके जांच करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि विचाराधीन बंदी सुनील महानंद ने रविवार की रात बैरक 5 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जेल प्रशासन ने परिजनों को रात को ही सूचना दे दी थी। इसके बाद परिजन जेल परिसर पहुंचे और हत्या का आरोप लगाते हुए जेल के समक्ष धरना दिया। परिजनों की शिकायत है कि थाने में सुनील महानंद को प्रताड़ना दी जाती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि परिजनों को सूचना दिए बगैर अंबेडकर अस्पताल स्थित मर्चुरी भेज दिया गया। टिकरापारा पुलिस ने मृतक को झूठे मामले में फंसाया। अब जेल में रहस्यमयी तरीके से मौत होना संदेह को जन्म देता है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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