टीआरपी। trade licenses : प्रदेशभर में छोटे और मध्यम स्तर का व्यापार करने वाले व्यापारी गुमास्ता लाइसेंस के आधार पर बरसों से व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं। अब, सरकार ने उन व्यापारियों के लिए ट्रेड लाइसेंस बनवाना अनिवार्य कर दिया है।व्यापारियों से सालाना 30 हजार रुपये वसूल किए जाने की बात सामने आ रही है। इससे व्यापारी परेशान हैं, व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए कांग्रेस पार्टी व्यापारियों के समर्थन में आगे आई है।

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनजंय सिंह ठाकुर ने व्यापारियों के पास गुमास्ता लाइसेंस होने के बावजूद ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता पर विरोध जताया है। कांग्रेसी नेता का कहना है कि सरकार के इस फरमान से गुमटी, ठेला जैसे छोटे व्यवसाय करने वाले छोटी मोटी दुकान खोलकर रोजी रोटी कमाने वाले व्यापारियों को मुसीबतें झेलनी पड़ेगी। ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए व्यापारियों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। साथ ही कार्यालयों के धक्के खाने पड़ेंगे, बिना लेनदेन किए आसानी से ट्रेड लाइसेंस नहीं बनेगा। इसके चलते भ्रष्टाचार बढ़ेगा। कांग्रेसी नेता का कहना है कि सालाना 30 हजार रुपये वसूलना व्यापारियों के साथ ज्यादती होगी।

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व्यापारियों के साथ अन्याय

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर का कहना है कि प्रदेशभर में 99 प्रतिशत व्यापारियों के पास गुमास्ता लाइसेंस है। इस आधार पर व्यापारी वर्षों से व्यवसाय कर रहे है। गुमास्ता की जगह अचानक ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता कर दी गई है, ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए हजारों रुपए का शुल्क रखा गया है। यह व्यापारियों के साथ सरासर अन्याय है। ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाने पर जुर्माना का भी प्रावधान किया है। इससे व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी। ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए भारी लेन-देन होगा। सरकार का यह फैसला व्यापारियों के हित में नहीं है।

ट्रेड लाइसेंस बनवाने का शुल्क हजारों रुपए

  • नगर निगम क्षेत्र के व्यापारियों को 30 हजार रुपए सालाना
  • नगर पालिका क्षेत्र में 20 हजार रुपए सालाना
  • पंचायत क्षेत्र में 10 हजार रुपए सालाना

दो वर्ष बाद 5 प्रतिशत वृद्धि

प्रदेशभर में नगर निगम क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले छोटे-मंझले व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए सालाना 30 हजार रुपए खर्च करना पड़ेगा। वहीं नगर पालिका क्षेत्र के व्यापारियों को 20 हजार रुपए सालाना और ग्राम पंचायत के व्यापारियों को 10 हजार रुपए सालाना शुल्क देना पड़ेगा। इसके अलावा प्रत्येक दो वर्ष बाद 5 प्रतिशत फीस शुल्क में वृद्धि की जाएगी। साथ ही जुर्माना भी भरना पड़ेगा।

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कांग्रेस शासनकाल में गुमास्ता की अवधि 5 साल थी

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने गुमास्ता की वैधता को 5 साल किया था। जिसे भाजपा की सरकार बनते ही खत्म कर दिया गया। अब गुमास्ता जिनके पास में है उन्हें ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए दबाव बनाया जाएगा, आखिर सरकार इतनी तानाशाही पर क्यों उतर गई है?

गुमास्ता धारकों को निःशुल्क लाइसेंस मिले

कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि गुमास्ता लाइसेंस धारकों को ट्रेड लाइसेंस निशुल्क बना कर दिया जाना चाहिए। भारी भरकम शुल्क को हटाया जाए। वैसे ही व्यापार व्यवसाय मंदी के दौर से गुजर रहा है। ट्रेड लायसेंस जिनका नहीं बन पाएगा उनका व्यवसाय संकट में आ जाएगा। बेरोजगारी बढ़ेगी। वैसे भी सरकार युवाओं को रोजगार देने में पहले ही असफल है, अब ट्रेड लाइसेंस को अनिवार्य किए जाने और हजारों रुपए शुल्क का प्रावधान करने से छोटे व्यवसाय बंद हो जाएंगे। जिनके पास पहले से गुमास्ता लायसेंस है, उन व्यवसायियों को ट्रेंड लायसेंस बनाने की अनिवार्यता से बाहर किया जाए।

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रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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