रायपुर। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद पदोन्नति का इंतजार कर रहे छत्तीसगढ़ के उन शिक्षकों की उम्मीद जाग गई है, जिन्हें लंबे समय से लटका कर रखा गया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब देशभर की हाई कोर्ट में सुरक्षित रखे गए फैसलों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

सुको ने क्या दिया है आदेश..?

सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट को आदेश देते हुए कहा है कि सुरक्षित रखे गए फैसलों में 3 महीने के अंदर डिसीजन सुनाना होगा।

क्रिमिनल अपील का फैसला 3 साल तक सुरक्षित रखा..!

दरअसल झारखंड हाई कोर्ट ने क्रिमिनल अपील का फैसला 3 साल तक सुरक्षित रखा था। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय तक फैसला ना देना न्याय में देरी करना है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों को गाइडलाइन जारी करते हुए आदेश दिया है कि फैसला सुरक्षित रखने वाले मामलों में 3 महीने के अंदर निर्णय सुनाना होगा।

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टी संवर्ग के शिक्षकों की जगी उम्मीद

वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद छत्तीसगढ़ के 1,378 व्याख्याताओं को फायदा मिल सकता है. छत्तीसगढ़ में टीचर्स के प्रमोशन के लिए सरकार ने ई और टी संवर्ग बनाया था। इसमें ई संवर्ग के शिक्षकों को प्रिंसिपल के पद पर प्रमोशन दिया जा चुका है, जबकि टी संवर्ग के टीचर्स को लेकर अभी तक फैसला नहीं लिया जा सका है। आलम ये है कि इनमें कई टीचर्स ऐसे हैं, जो रिटायरमेंट के कगार पर पहुंच गए हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 1,378 शिक्षकों की उम्मीद जगी है।