रायपुर। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले के मरवाही वनमंडल में एक नर बाघ की मौजूदगी ने दहशत फैला दी है। बाघ को आज सुबह परासी गांव के नजदीक देखा गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में लोगों में भय का माहौल बन गया।

खेतों के पास दिखा बाघ

परासी गांव के निवासी मंगल प्रसाद केवट ने सबसे पहले बाघ को अपनी बैंगन की फसल के पास घूमते हुए देखा। वन विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह बाघ मरवाही के जंगलों से आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ा है। डीएफओ रौनक गोयल ने कहा कि बाघ की मौजूदगी पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पहली बार दिखा बाघ

मरवाही के जंगलों में पहले भालू और हाथियों की मौजूदगी आम थी, लेकिन बाघ को पहली बार यहां देखा गया है। वन विभाग इसे एक असामान्य घटना मानते हुए सतर्क है और क्षेत्र के ग्रामीणों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

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वन विभाग की सतर्कता

वन विभाग की टीम ने बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त तेज कर दी है। आसपास के गांवों में मुनादी कर लोगों को सावधान किया जा रहा है। बाघ को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए विभाग जरूरी कदम उठा रहा है।

यह घटना न केवल ग्रामीणों बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिए भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बाघ की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग सतर्क है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।