राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों से शराब प्रेमियों के लिए एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। दरअसल सबसे ज्यादा राजस्व देने वालों को इन दिनों अपनी पसंद का ब्रांड नहीं मिल पा रहा है। उन्हें शराब दुकान से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है या किसी अन्य ब्रांड से काम चलाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से मार्केट से कई नामी और चर्चित ब्रांड्स पूरी तरह से नदारद हैं, जिसके कारण ग्राहकों को मजबूरन वैकल्पिक ब्रांड खरीदने पड़ रहे हैं।

क्या है वजह?

इस किल्लत के पीछे की असली वजह कोई शॉर्टेज नहीं, बल्कि पैकेजिंग में होने वाला एक बड़ा बदलाव है। मिली जानकारी के मुताबिक, अब कांच की शीशियों के स्थान पर प्लास्टिक की बोतलों (सीसी) में शराब की बिक्री करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए शराब निर्माता कंपनियां अपने प्लांट में नई मशीनें स्थापित कर रही हैं और पूरी उत्पादन व्यवस्था को अपग्रेड किया जा रहा है। इसी तकनीकी बदलाव के कारण प्रमुख ब्रांड्स की आपूर्ति (सप्लाई चेन) बुरी तरह प्रभावित हुई है।

क्वार्टर से लेकर प्रीमियम बोतलें तक सब गायब

बाजार में वर्तमान में जो भी क्वार्टर (Quarter) मिल रहे हैं, वे कंपनियों का पुराना स्टॉक हैं। रायपुर की प्रीमियम शराब दुकानों का हाल यह है कि 760 रुपये से लेकर 800 रुपये के मूल्य वर्ग में आने वाले कई चर्चित ब्रांड्स लगभग पूरी तरह गायब हैं।

पहली बार दिख रहे अजीबोगरीब ब्रांड्स

पसंदीदा ब्रांड न मिलने के कारण शराब दुकानों में रोज ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हो रही है। लोग इस बात से नाराज हैं कि कीमतें बढ़ाने के बाद भी सरकार उन्हें चॉइस का ब्रांड उपलब्ध नहीं करा पा रही है। मजबूरी में दुकानों पर ऐसे-ऐसे नए ब्रांड दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें उपभोक्ताओं ने पहले कभी देखा तक नहीं था। ऐसे में यह भी आरोप लगाए जा रहे है कि छोटी ब्रांड की खपत और उन्हें बड़ा बनाने के लिए चर्चित ब्रांड की आपूर्ति नहीं की जका रही है।

वहीं बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग ने उन सभी कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं, जिनके साथ शराब आपूर्ति का अनुबंध (Agreement) हुआ है। अधिकारियों का दावा है कि जून के अंत तक या जुलाई की शुरुआत में नई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर आ जाएगी और बाजार में सभी चर्चित ब्रांड्स फिर से मिलने शुरू हो जाएंगे।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।