बोले तेलंगाना के आदिवासी कलाकार, पहली बार आदिवासियों को मिला इतना बड़ा मंच

रायपुर। “पहली बार आदिवासियों को इतना बड़ा मंच देना सम्मान की बात है, मुझे छत्तीसगढ़ आकर खुशी हो रही है। भारत के दूसरे राज्यों को भी ऐसा कुछ करना चाहिए” यह कहना है तलंगाना के नालागोंडा जिले के सी एच नागार्जुन का कहना है। जो नालागोंडा जिले से पहुंचे कलाकारों के टीम लीडर हैं।

छत्तीसगढ़ आदिवासी महोत्सव में पहुंचे ये कलाकार बंजारा जनजाती के हैं और लंबाड़ी नृत्य करते हैं। लंबाड़ी नालागोंडा जिले के जीवन को दिखाता है। लंबाड़ी करने वाली महिला कलाकार पारंपरिक घाघरा-चोली, पैरों में गज्जल (घुंघरू) गले में कंटल (माला) व हाथ में हाथी दांत के बने गाजरू पहनती हैं।

राज्योत्सव में पहली बार पहुंचे तेलंगाना के कलाकार छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की इस पहल को लेकर काफी खुश हैं और उनके कला को मंच देने के लिए छत्तीसगढ़ सककार का धन्यवाद दे रहे हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।