टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने फिर से कायराना हरकत की। आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के दो जवान घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार ने घटना की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार, कच्चापाल इलाके में दो दिन पहले ही नया कैंप स्थापित किया गया है। डीआरजी के जवान यहां सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में तैनात थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी की चपेट में आ गए। ब्लास्ट में घायल जवानों की पहचान घासीराम मांझी और जनक पटेल के रूप में हुई है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

बीजापुर में नक्सलियों की साजिश नाकाम

इस घटना से एक दिन पहले, बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को विफल कर दिया। नक्सलियों ने मुडवेंदी के सीआरपीएफ कैंप के पास सड़क पर सीरियल बारूदी सुरंग बिछाई थी।

5-5 किलोग्राम के बम बरामद

सीआरपीएफ की 199 बटालियन के जवानों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान इन बमों का पता लगाया। पांच बम, प्रत्येक 5 किलोग्राम वजनी, सड़क पर बिछाए गए थे। जवानों ने इन बमों को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया। विस्फोट की तीव्रता देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि नक्सलियों का इरादा बड़ा नुकसान पहुंचाने का था।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।