Rare Malabar Pied Hornbill in Udanti Sitanadi Tiger Reserve Chhattisgarh.

टीआरपी। छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। वन विभाग यहाँ “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” विकसित कर रहा है, जो वास्तव में फलदार वृक्षों के प्राकृतिक समूह होंगे, ताकि इन पक्षियों को साल भर भोजन और सुरक्षित आवास मिल सके।

हॉर्नबिल को ‘फॉरेस्ट इंजीनियर’ या ‘जंगल का माली’ कहा जाता है, क्योंकि वे बीजों को दूर-दूर तक फैलाकर वनों के प्राकृतिक विस्तार में मदद करते हैं। उदंती-सीतानदी में इनका बढ़ता कुनबा न केवल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्र में ईको-टूरिज्म की नई संभावनाओं को भी जन्म देगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’: प्रकृति और विज्ञान का संगम

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस परियोजना के तहत पीपल, बरगद और फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। ये वृक्ष हॉर्नबिल का पसंदीदा आहार हैं। खास बात यह है कि ये कोई कृत्रिम निर्माण नहीं, बल्कि पूरी तरह से प्राकृतिक उद्यान होंगे। समुद्र तल से 800-1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र की जलवायु इन दुर्लभ पक्षियों के लिए बेहद अनुकूल पाई गई है।

निगरानी के लिए ड्रोन और स्पेशल ट्रैकिंग टीमें

हॉर्नबिल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जा रहा है ताकि शिकार और वनाग्नि पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं की विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं जो घोंसलों की नियमित निगरानी और सुरक्षा करती हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में ‘घोंसला गोद लेने’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय को भी इससे जोड़ा जा रहा है।

  • लक्ष्य प्रजाति: मालाबार पाइड हॉर्नबिल (दुर्लभ पक्षी)।
  • प्रमुख आहार: पीपल, बरगद और फाइकस के फल।
  • तकनीक: ड्रोन से निगरानी और स्थानीय युवाओं की ट्रैकिंग टीम।
  • उपलब्धि: अब सप्ताह में 2-3 बार आसानी से दर्ज की जा रही है उपस्थिति।

इस पहल से हॉर्नबिल पक्षियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। आने वाले समय में, पर्यटक एक सुरक्षित दूरी से इन पक्षियों को देख सकेंगे, जिससे यह क्षेत्र बर्ड वॉचिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए छत्तीसगढ़ का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।