रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लखनपुर थाना क्षेत्र के अमेरा खदान इलाके में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान मिट्टी धंसने से एक ग्रामीण की दबकर मौत हो गई है। मृतक की पहचान ग्राम लोसंगी निवासी भाकु के रूप में हुई है।
70-80 फीट गहरे मौत के गड्ढे
दरअसल, अमेरा खदान क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन का काला कारोबार फल-फूल रहा है। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, कोयला तस्कर चंद पैसों का लालच देकर ग्रामीणों से जान जोखिम में डलवाते हैं। खदान के आसपास 70-80 फीट गहरे खतरनाक और सुरंगनुमा गड्ढे खोद दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार को भाकु इसी तरह की एक सुरंग में घुसकर कोयला निकाल रहा था, तभी अचानक ऊपर से भारी मात्रा में मिट्टी भरभरा कर गिर गई। जब तक आसपास के लोग उसे बाहर निकालते, उसकी सांसें थम चुकी थीं।
ईंट भट्टों और होटलों में खप रहा काला सोना
मिली जानकारी के अनुसार, इस इलाके से रोजाना सैकड़ों मोटरसाइकिलों के जरिए अवैध कोयला ढोया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अवैध रूप से निकाले गए इस कोयले को लखनपुर के गमला भट्ठा और चिमनी भट्ठों में खपाया जाता है। इलाके के कई होटलों में भी इसी अवैध कोयले की सप्लाई की जा रही है। तस्करों ने पूरे क्षेत्र में सुरंगों का जाल बिछा दिया है, जो कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।
गौरतलब है कि इतनी बड़ी तादाद में अवैध उत्खनन और परिवहन होने के बावजूद स्थानीय पुलिस और खनिज विभाग की टीम मौन बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि खदान क्षेत्र में मौत का यह खेल सरेआम चलता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। भाकु की मौत ने एक बार फिर खदान सुरक्षा और तस्करों के हौसलों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


