अम्बिकापुर। सरगुजा के अमेरा कोयला खदान के विस्तार को लेकर बुधवार को पुलिसस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। एक्स्टेंशन का विरोध करते हुए ग्रामीण उग्र हो गए और हमला कर दिया। वहीं, पुलिस ने भी उनपर लाठीचार्ज कर दिया और इस झड़प में दोनों पक्षों से लगभग 50 लोग घायल हो गए। झड़प से निर्मित हुए स्थिति को संभालने के लिए खदान में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया, जिससे कि खदान छावनी में तब्दील हो गई।

सूत्रों के अनुसार, लखनपुर में स्थित अमेरा कोयला खदान के विस्तार से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर और लाठियों से हमला कर दिया। खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीण और खदान के कर्मचारी पहले भी कई बार आमने-सामने हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हम अपनी जमीन खदान के विस्तार के लिए नहीं देंगे।

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आलोक शुक्ला ने कहा कि आज अमेरा कोयला खदान में जो घटना हुई वह दुखद है। ग्रामीण लंबे समय खदान को लेकर विरोध जता रहे है लेकिन उनकी बातों को अनसुना किया गया। आज अमेरा के साथ-साथ मैनपाट और रायगढ़ का भी हाल वही है। सरकार दमन कर ग्रामीणों का जल, जंगल और जमीन छीन रही है लेकिन हम चुप नहीं बैठने वाले। हम बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।