भानुप्रतापपुर। आरी डोंगरी गोदावरी माइंस के प्रस्तावित क्षमता विस्तार के खिलाफ क्षेत्र के ग्रामीणों, सरपंचों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने भानुप्रतापपुर-कच्चे मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जनसुनवाई को स्थगित किया जाए और 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी प्रभावित गांवों की सूची सार्वजनिक की जाए। इसके साथ ही पिछले 15 वर्षों में सीएसआर और डीएमएफ मद से हुए कार्यों का पूरा ब्यौरा भी जारी किया जाए।

चक्काजाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात घंटों बाधित रहा। पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की झूमाझटकी की स्थिति भी बनी, हालांकि स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व आदिवासी नेता कोमल हुपेंडी, जनपद अध्यक्ष सुनाराम तेता, हरेश चक्रधारी, चंद्रमौली मिश्रा और सरपंच रमल कोर्राम ने किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि गोदावरी माइंस प्रबंधन वर्षों से आदिवासी समुदाय का शोषण कर रहा है और विकास तथा रोजगार के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा सीएसआर और डीएमएफ फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है। खदान प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं अब भी नदारद हैं। प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जनसुनवाई रद्द नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले लेगा।

चक्काजाम स्थल पर बोलते हुए आदिवासी नेता कोमल हुपेंडी ने कहा कि गोदावरी माइंस की मनमानी और तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ने का आह्वान किया। हुपेंडी ने कहा कि यह संघर्ष केवल जनसुनवाई के स्थान परिवर्तन का नहीं, बल्कि वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर भी है।

जनपद सदस्य ने स्थानीय प्रशासन और कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डीएमएफ फंड का कोई ठोस उपयोग नहीं हुआ है और इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी द्वारा मनमानी कर लगभग 5000 पेड़ों की कटाई कर दी गई है, जिससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।