CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियों के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का असर मध्य भारत तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही 11 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे छत्तीसगढ़ में बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है।
मौसम तंत्र के सक्रिय होने के कारण बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी मध्य और पूर्वी भारत की ओर आने की संभावना है। इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नए सिस्टम के विकसित होने के बाद राज्य में बादल सक्रिय होंगे और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है।
11 सितंबर के बाद बढ़ सकती है बारिश
मौसम का सबसे अहम बदलाव 11 सितंबर के आसपास देखने को मिल सकता है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित निम्न दबाव क्षेत्र ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ओर मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते राज्य में बारिश की गतिविधियां दोबारा तेज होने की संभावना है। हालांकि बारिश की तीव्रता और प्रभावित जिलों की स्थिति सिस्टम के विकसित होने के बाद और स्पष्ट होगी।
इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना
छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मौसम गतिविधियों पर नजर रखनी होगी। ओडिशा से लगे जिलों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक महसूस हो सकता है। वहीं बस्तर संभाग के कई हिस्सों में भी बादल और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी रह सकती है।
जानिए रायपुर-बिलासपुर में कैसा रहेगा मौसम
आज का दिन उमस भरा रहने वाला है। 11 सितंबर के बाद से छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में भी तेज बारिश होने के आसार है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर समेत बड़े शहरों में अचानक तेज बारिश होने पर यातायात प्रभावित होने की संभावना रहती है। स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों को नालियों तथा जल निकासी व्यवस्था पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी।
गरज-चमक और तेज हवाओं से रहें सावधान
बारिश के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। किसानों को मौसम खराब होने पर खेतों में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने की जरूरत होगी।
अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ मानसून
सितंबर में मानसून की गतिविधियां सामान्य तौर पर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती हैं, लेकिन इस समय बनने वाले मौसमी सिस्टम बारिश को दोबारा सक्रिय कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ में भी बंगाल की खाड़ी से बनने वाले सिस्टम का असर महत्वपूर्ण रहता है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।




