दुर्ग। छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने वो कर दिखाया जो फिल्मों में दिखता है। करोड़ों की चोरी के मास्टरमाइंड और अंतर्राज्यीय गिरोह के सरगना नासिर हुसैन को पकड़ने के लिए पुलिसवालों ने भेष बदला, दिल्ली की गलियों में 15 दिन तक डेरा डाला और फिर यमुना एक्सप्रेस-वे पर 300 KM तक पीछा कर यूपी से धर दबोचा।

बकरा विक्रेता बनकर की जासूसी

नेहरू नगर में हुई करोड़ों की चोरी के बाद मुख्य आरोपी नासिर हुसैन फरार था। क्राइम डीएसपी की टीम उसे पकड़ने दिल्ली पहुंची। शाहीन बाग और मदनपुर खादर की तंग गलियों में आरोपी बार-बार ठिकाना बदल रहा था। पुलिस ने सटीक लोकेशन निकालने के लिए स्थानीय बकरा विक्रेताओं के साथ रहकर जासूसी शुरू की।

जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर दबिश

इसके बाद पुलिस ने रणनीति बदलकर जनगणना अधिकारी का भेष धारण किया। घर-घर जाकर नासिर के मूवमेंट की पुख्ता जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान पता चला कि आरोपी चोरी के पैसों से खरीदी कार से बिहार के दरभंगा भाग रहा है।

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300 KM पीछा, आगरा रोड पर दबोचा

सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी की। यमुना एक्सप्रेस-वे पर कार का करीब 300 किलोमीटर तक पीछा किया गया। आखिरकार आगरा रोड के पास नासिर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।

2019 से कई राज्यों में की चोरियां

पूछताछ में नासिर ने 2019 से मध्यप्रदेश, चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ में कई बड़ी चोरियों की बात कबूली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 1.22 लाख नगद, 7 लाख का डायमंड ब्रेसलेट, अमेरिकन डायमंड, सोना-चांदी, 3 लाख के नए कपड़े और वारदात में इस्तेमाल कार समेत कुल 20 लाख का माल बरामद किया है।

दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार, 60 लाख का सोना मिला था
इस केस में मेरठ से सह-आरोपी हाशिम खान और चोरी का सोना खरीदने वाले ज्वेलर सलीम खान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के पास से 60 लाख का सोना बरामद हुआ था।

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