बिलासपुर। दुर्ग से छपरा जा रही सारनाथ एक्सप्रेस में एक फर्जी टीटीई को यात्रियों से टिकट चेकिंग और अवैध वसूली करते हुए पकड़ा गया। वास्तविक टीटीई स्टाफ से पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर पेंड्रारोड जीआरपी के हवाले कर दिया गया। आरोपी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

सारनाथ एक्सप्रेस के एम-1, एम-2, एस-1 और एस-2 कोच में एक युवक टिकट जांच करते हुए नजर आया। उसकी हरकतों पर संदेह होने पर यात्रियों ने दूसरे कोच के टीटीई को सूचना दी। पूछताछ में युवक शराब के नशे में पाया गया और उसने काला कोट पहन रखा था। प्रारंभ में टीटीई स्टाफ ने उसे अपना साथी समझा, लेकिन नशे की हालत और बेतरतीब व्यवहार के कारण संदेह गहरा गया।

जांच में युवक की पहचान हामिद हुसैन (36 वर्ष), निवासी जलेबी चौक, भिलाई पावर हाउस के रूप में हुई। वह टीटीई बनकर यात्रियों से अवैध वसूली कर रहा था। उसलापुर स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के बाद टीटीई स्टाफ ने आरपीएफ और जीआरपी की स्कॉर्टिंग टीम को बुलाया। आरपीएफ के शमलेश यादव और जीआरपी के केशव धृतलहरे व मुकेश धुर्वे ने युवक को अपनी हिरासत में लिया और पेंड्रारोड जीआरपी को सौंपा।

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टीटीई रवि कुमार शर्मा की शिकायत पर पेंड्रारोड जीआरपी ने शून्य में अपराध दर्ज कर आरोपी को बिलासपुर जीआरपी भेजा। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को जेल भेजने के आदेश दिए।